कासगंज। प्रभारी सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने पत्नी की हत्या के मामले में जेल में बंद सिकंदरपुर वैश्य थाने के तत्कालीन प्रभारी विवेक कुमार गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वह 3 अगस्त से जिला कारागार में निरुद्ध हैं। उनके खिलाफ हत्या, दहेज अधिनियम की धाराओं में मामला पंजीकृत है।
विवेक गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी दीप्ती पोरवाल की दो अगस्त की रात्रि दस बजे थाना परिसर में बने आवास में तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या की प्राथमिकी दीप्ती की मां शशिप्रभा ने आरोपी व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। केस में हत्या की वजह भी बताई गई कि आरोपी ने कानपुर की एक युवती से दूसरी शादी कर ली थी। जिसके कारण हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। जमानत प्रार्थना पत्र पर आरोपी के अधिवक्ता उपेंद्र मिश्रा ने आरोपी को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभियोजन का समर्थन नहीं करती। ऐसी स्थिति में आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाए। वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव यदुवंशी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हत्या का मामला गंभीर है। यह मानव वध की श्रेणी में आता है। उन्होंने आरोपी की जमानत का विरोध किया। प्रभारी सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी की जमानत खारिज कर दी।