रामकिशन गुप्ता ने बताया कि रक्षा बंधन पर भिंड , मुरैना, बाह, इटावा, राजाखेड़ा, धौलपुर तक के गांवों की चौपालो पर रक्षाबंधन पर इस घटना का जिक्र जरूर होता है।
विनोवा की यात्रा के ये थे पड़ाव
12 मई 1960 में पिनाहट से शुरु हुई डकैतों के हृदय परिवर्तन की यात्रा का पहला पड़ाव 13 मई को मुरैना के रछेड़ , 14 मई को अंबाह, 16 मई को पोरसा, 17 मई को नगरा, 18 मई को कनेरा, 19 मई को कदौरा में रहा। यहां पर मान सिंह, रूपा गिरोह के 19 बागियों ने संत विनोवा के समक्ष हथियार डाल दिए थे।
इन डकैतों को बांधी थी राखी
लोकमन दीक्षित, तेज सिंह, भगवान सिंह, भूप सिंह, कन्हई, बदन सिंह, पातीराम, विद्याराम, डरेलाल, मटरे, जंगजीत, राम सनेही, दुर्जन, श्रीकृष्ण, लक्ष्क्षी, मोहरमन , करन सिंह, राम दयाल, प्रभू समेत कई अन्य को राखी बाधी थी।