ताजमहल के शहर में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना रफ्तार पकड़ने लगी है। बुधवार को एलएमआरसी और राइट्स के अधिकारियों ने मंडलायुक्त के प्रस्तावित रूट की रिपोर्ट का प्रजेंटेशन दिया। इनमें दो कॉरीडोर पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो अन्य कॉरीडोर को लेकर संशय है।
गौरतलब है कि शहर में मेट्रो ट्रेन चलाने से पहले प्रशासन ने शहर की जनता से सुझाव मांगे थे। कुछ सुझावों को परियोजना में शामिल किया गया था। इसी के तहत राइट्स संस्था की टीम ने मेट्रो के रूट का खाका खींचा। इसमें चार कॉरीडोर दर्शाए गए। बुधवार को राइट्स संस्था के पीयूष कंसल ने मंडलायुक्त कार्यालय में कमिश्नर प्रदीप भटनागर की मौजूदगी में सभी विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। इसमें पहला अहम कॉरीडोर सिकंदरा से लेकर फतेहाबाद रोड पर स्थिति होटल ट्राइडेंट तक बनाया गया है। इसमें एसएन मेडिकल कालेज से लेकर हींग की मंडी तक ट्रेन को अंडरग्राउंड टनल से गुजारा जाएगा। वहीं, दूसरा कॉरीडोर आगरा कैंट से दीवानी चौराहा तक बनाया गया है। इसमें सदर का बाजार को शामिल किया है। बैठक में डीएम पंकज कुमार, एसएसपी राजेश डी मोदक, एडीए वीसी मनीषा त्रिघाटिया, सचिव प्रभांशु श्रीवास्तव, नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद, छावनी परिषद की सीईओ, जल निगम, जलकल, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, टोरंट पावर सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पहला कॉरीडोर
सिकंदरा, गुरुद्वारा गुरु का ताल, पुरानी मथुरा रोड, राजामंडी से अंडरग्राउंड एसएन मेडिकल कालेज होते हुए हींग की मंडी, आगरा फोर्ट, पुरानी मंडी रोड (गोल्फ कोर्स के बराबर), फतेहाबाद रोड पर ट्राइडेंट होटल तक।
दूसरा कॉरीडोर
आगरा कैंट स्टेशन, सदर बाजार, प्रतापपुरा, एमजी रोड, कलेक्ट्रेट, राजामंडी, सेंट जोंस कालेज, हरीपर्वत, दीवानी।
यहां फंसा पेच
दो कॉरीडोर में अभी पेच फंसा है। दीवानी से नेहरू नगर (अंडरग्राउंड) होते हुए एनएच टू होते हुए कमला नगर, वाटर वर्क्स यमुना किनारा रोड, कालिंदी विहार तक और दीवानी से भगवान टाकीज होते हुए दयालबाग, कमला नगर होते हुए सुल्तानगंज की पुलिया, वाटर वर्क्स तक कॉरीडोर पर सहमति नहीं बन पाई है। दरअसल, भगवान टाकीज पर ऐतिहासिक रोमन कैथलिक सिमिट्री के चलते परेशानी आ सकती है।