आगरा। प्राचीन प्रेमनिधि मंदिर, नाई की मंडी में चल रहे पुरुषोत्तम मास मनोरथ महोत्सव में हर दिन श्रद्धा और उल्लास के साथ कार्यक्रम हो रहे हैं। रविवार को हिंडोले में विराजे ठाकुरजी श्याम बिहारी महाराज के समक्ष हरियाली तीज का मनोरथ धूमधाम से मनाया गया।
पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार हरियाली तीज को विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक जगद्गुरु वल्लभाचार्य को गोकुल के घाट पर साक्षात यमुना के दर्शन हुए थे। उन्होंने यमुनाष्टक की रचना की थी। अधिमास के आठवें दिन आयोजित इस मनोरथ में ठाकुरजी को सुसज्जित हिंडोले में विराजमान कर झूला झुलाया गया।
मंदिर परिसर को हरे पत्तों, पुष्पों और लताओं से सजाकर ब्रज के निकुंज वन जैसा मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी और सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को हरे रंग की मखमली पोशाक (वागा) व पन्ना जड़ित विशेष आभूषण धारण कराए गए। पुष्टिमार्गीय कीर्तनकारों ने मल्हार राग एवं सावन के पारंपरिक पदों का मधुर गायन किया। मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी, सेवक योगेश शिवहरे, अंकित, आशीष शिवहरे, आदित्य शिवहरे, शुभम, अनूप एवं नरेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।