टैरिफ का कपड़ा कारोबार पर पड़ रहा असर।
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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ का आगरा के टेक्सटाइल्स कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। आगरा के कई एक्सपोर्टर हैं, जिन्होंने ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। टैरिफ से रेडीमेड व्यापार पर भी मार पड़ी है। सरकार के कपास पर शुल्क मुक्त आयात को तीन महीने बढ़ाने से व्यापारियों को घरेलू उत्पादन में राहत की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश कपड़ा व्यापार संगठन के महामंत्री टीएन अग्रवाल ने बताया कि आगरा में कपड़े के थोक-फुटकर के आठ हजार से अधिक प्रतिष्ठान हैं, जिनसे सैकड़ों करोड़ का व्यापार होता है। 50 फीसदी टैरिफ से कपड़े की कीमत डेढ़ गुना बढ़ गई है। इससे निर्यातकों ने ऑर्डर रद्द कर दिए हैं।
कपास पर शुल्क मुक्त आयात करने और 40 देशों से कपड़ा निर्यात बढ़ाने से टेक्सटाइल्स व्यापार को राहत मिलेगी। अमेरिका के बजाय अन्य देशों से कपड़ा का व्यापार बढ़ने से निर्यातकों को भी नुकसान की भरपाई की उम्मीद है। सरकार से जीएसटी में भी छूट देने की मांग कर रहे हैं, जिससे टैरिफ की मार का असर कुछ कम हो जाएगा।
रेडीमेड गारमेंट पर भी पड़ेगा असर
आगरा रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के महामंत्री गौरव जैन ने बताया कि आगरा में 150 मैन्युफैक्चरर्स हैं। 50 फीसदी टैरिफ से रेडीमेड गारमेंट व्यापार पर सीधा असर भले ही न पड़े लेकिन इससे घरेलू बाजार प्रभावित होगा। सरकार को इससे निपटने के लिए व्यापारियों को आर्थिक मदद की घोषणा करनी चाहिए।
आने वाले वर्षों में दिखेगा असर
कपड़ा व्यापारी अनिल जिंदल का कहना है कि टैरिफ का मामला दो देशों की सरकार के बीच है। इसमें व्यापारी के हाथ में कुछ नहीं है। सरकार ने 40 देशों से कपड़ा व्यापार के लिए प्रयास करना शुरू किए हैं। शुल्क मुक्त कपास आयात से भी व्यापार को लाभ मिलेगा। इसका असर कुछ वर्षों में दिखेगा।