मदन चौहान हत्याकांड में 30 नवंबर को होगी गवाही
- सात साल पहले भाड़े के शूटरों ने की थी भाजपा नेता की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान हत्याकांड में अब 30 नवंबर को गवाही होगी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही पूरी हो चुकी है। अब इस मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट के न्यायालय में हो रही है। भाजपा नेता की हत्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाड़े के शूटरों ने की थी।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान की एक जनवरी 2017 को करहल रोड स्थित उनके पेट्रोल पंप पर हत्या कर दी गई थी। विरोध करने पर पेट्रोल पंप के सेल्समैन जयकुमार निवासी रतवा थाना दन्नाहार की भी हत्या की गई थी। भाड़े के शूटरों द्वारा की गई हत्या की रिपोर्ट उनके पुत्र शिवम चौहान ने नवनीत नेहरा निवासी मोदीनगर, गौरव गोस्वामी निवासी मुजफ्फरनगर, रिंकू निवासी मेरठ, हनी तोमर निवासी शामली के खिलाफ दर्ज कराई थी। ग्रामीणों तथा पुलिस ने हत्या करके मौके से भागे शूटरों की घेराबंदी करके एक शूटर नवनीत नेहरा को मार गिराया था।
यह मुकदमा स्पेशल जज डकैती के न्यायालय में चल रहा था। अब इस मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट के न्यायालय में की जाएगी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने मुकदमे की नियमित सुनवाई करके शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई है।
हाई प्रोफाइल है मामला
मैनपुरी। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान प्रदेश के पूर्व डीजीपी रहे डीएस चौहान के पारिवारिक भाई थे। मैनपुरी के ही आपराधिक प्रवृति के लोगों ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की हत्या की साजिश करके शामली के रहने वाले अनीस को हत्या की सुपारी दी थी। अनीस ने ही भाड़े के शूटरों को हथियार और वाहन उपलब्ध कराए थे। मदन चौहान के पुत्र शिवम चौहान के वाहन पर किए गए हमले में उनका एक सुरक्षाकर्मी मारा जा चुका है। उनके आवास पर अभी तक पुलिस तैनात है। संवाद