आगरा। बल्केश्वर क्षेत्र के किशन नगर में बुधवार दोपहर दिल दहला देने वाला वाकया हुआ। दोपहर करीब तीन बजे धूप खिली थी, तभी अचानक एक टेंट गोदाम से लोगों को काला धुआं उठता दिखा। जब तक वह कुछ समझ पाते आग की ऊंची-ऊंची लपटें भी दिखने लगीं। हालात देख चीख-पुकार मच गई। इस भीषण अग्निकांड में न सिर्फ टेंट का लाखों का सामान राख हुआ, बल्कि गली में बंधे एक गोवंश की मौत हो गई जबकि तीन मवेशी झुलस गए।
गोदाम संचालक रवि दिवाकर और सनी दिवाकर का यह गोदाम किशन नगर की तंग गलियों के बीचों-बीच स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोदाम के अंदर बड़ी मात्रा में कपड़ा, टेंट का सामान, खाने के बर्तन और छोटे टेंट रखे हुए थे। आग की लपटें इतनी तेज खौफनाक थीं कि आसपास की गलियों में ठहरना तो दूर, किसी की वहां से गुजरने की भी हिम्मत नहीं हुई। कुछ ही पलों में गोदाम के भीतर रखे एल्युमिनियम के भगौने, अन्य बर्तन और लोहे की भारी-भरकम मेजें तक पिघल गईं। करीब दस फीट की दूरी पर लगे एसी का आउटडोर यूनिट भी मोम की तरह पिघल गया।
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू वह बेजुबान गोवंश बने जो गोदाम के ठीक बाहर गली में बंधे थे। आग की लपटों और उसकी तेज आंच से घिरे उन मवेशियों को भागने का मौका नहीं मिला। एक गोवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोग अपने घरों से बाहर तो निकले लेकिन दूर खड़े होने को मजबूर हुए। किसी की भी हिम्मत आग बुझाने के लिए आगे बढ़ने की नहीं हो रही थी।
सूचना पर स्थानीय पुलिस और संजय प्लेस फायर स्टेशन से एफएसओ सोमदत्त सोनकर अपनी टीम और तीन दमकलों के साथ पहुंचे। नीचे से गोदाम में प्रवेश करना असंभव था। ऐसे में दमकलकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए पड़ोस के मकान की छत पर चढ़कर वाटर गन की मदद से पानी की बौछारें कीं। करीब एक घंटे की लंबी और साहसिक मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका। तब तक सब जलकर राख हो चुका था।
गोदाम स्वामी को साजिश का शक
फायर स्टेशन ऑफिसर सोमदत्त सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शार्ट सर्किट आई है। टीम विस्तृत जांच कर रही है।वहीं गोदाम स्वामी रवि दिवाकर ने साजिश की आशंका जताई है। उनका दावा है कि गोदाम के सीसीटीवी फुटेज में दोपहर सवा दो बजे के करीब दो संदिग्ध युवक अंदर कुछ फेंकते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है। एक तरफ जली हुई राख के ढेर और दूसरी तरफ बेजुबान की मौत का गम इस पूरे इलाके को गमगीन कर गया है।