कासगंज। अमांपुर थाने में पुलिस अभिरक्षा में आत्महत्या का प्रयास करने वाले दलित युवक के गांव ग्राम रसलुआ सुलहपुर में पुलिस का कड़ा पहरा है। गांव में कई जिलों के थानों से बुलाया गया पुलिसबल तैनात किया गया है। फोर्स की तैनाती होने के कारण गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग एक दूसरे से बात करने में कतरा रहे हैं। गांव में पहुंचने वाले मीडियाकर्मियों से कोई बातचीत करने को तैयार नहीं है। पुलिस-प्रशासन इस बात को लेकर अलर्ट है कि कहीं फिर से आक्रोश की स्थिति पैदा नहीं हो और अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़ेे।गांव के युवक गौरव ने अमांपुर थाने के महिला शौचालय में शुक्रवार को मफलर से फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इसके बाद अमांपुर कोतवाली में जमकर बवाल हुआ। पत्थरबाजी हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जिसमें पुलिसकर्मी और ग्रामीण भी चुटैल हुए। इसके बाद से पुलिस ने गांव में पहरा बढ़ा दिया है।पीडि़त युवक के गांव में तनाव का यह भी कारण है कि लापता हुई किशोरी भी उसी गांव की ही रहने वाली है। पीड़ित युवक के पिता ने अज्ञात पुलिसकर्मियों के अलावा किशोरी के पिता व एक अन्य परिजन के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। लोगों का कहना है कि गनीमत है कि सभी स्वजातीय हैं। अन्यथा स्थिति और बिगड़ इससे अधिक सकती थी। शनिवार को पूरे गांव में पुलिसकर्मी जहां-तहां खड़े व बैठे थे। वहीं काफी संख्या में पुलिसकर्मियों के वाहन भी खड़े थे। युवक गौरव के परिवार में महिलाएं व रिश्तेदार बैठे थे जो लगातार पुलिस को कोस रहे थे और पुलिस को ही युवक के इस गंभीर हाल के लिए जिम्मेदार बता रहे थे। सभी गौरव के ठीक होने की प्रार्थना कर रहे थे। वहीं गांव में कड़ी चौकसी होने के कारण ग्रामीण और बच्चे भी सहमे हुए थे। जैसी रंगत गांव में आम दिनों में रहती थी वह देखने को नहीं मिल रही थी। लोग बस अपने जरूरी काम निपटा रहे थे।