रामपुर गांव में दलित समाज की बारात के दौरान मार्ग को लेकर विवाद की सूचना पर मौके पर तैनात पुलिस
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फतेहाबाद। थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव रामपुर में सोमवार शाम दलित समाज की बरात निकालने पर विवाद हो गया। बरात परंपरागत मार्ग के बजाय नए मार्ग से आ रही थी। इस पर गांव के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया तो बराती आक्रोशित हो गए। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई। तीन घंटे तक चले समझौते के बाद बरात शांतिपूर्वक निकलवाई गई। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी गुरचरण सिंह वाल्मीकि की बेटी जसोदा की सोमवार को शादी थी। घर के बाहर ही पंडाल सजाया गया था। बिचपुरी के गांव सैता निवासी जितेंद्र बरात लेकर आए। सोमवार शाम करीब सात बजे बरात चढ़ाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान पूर्व निर्धारित परंपरागत मार्ग के बजाय दूसरे मार्ग से बरात निकालने की तैयारी की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि परंपरागत मार्ग पर एक परिवार में गमी होने के कारण मार्ग बदल दिया गया था। इसकी जानकारी होने पर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई जिससे बरातियों ने आक्रोश व्यक्त किया। मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद लड़की पक्ष ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर निबोहरा के अलावा मंसुखपुरा, फतेहाबाद, शमसाबाद और इरादतनगर थाने की पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने दोनों पक्षों से वार्ता कर उन्हें समझाया, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बरात शांतिपूर्वक निर्धारित मार्ग से निकाली गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि नए मार्ग से बरात निकालने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। दोनों पक्षों से वार्ता की गई। इसके बाद बरात चढ़ गई। किसी तरह का तनाव नहीं है। फिर भी पुलिस फोर्स तैनात है।