जानकारी के अनुसार, अमांपुर के गुड़मंडी में होलिका दहन का आयोजन किया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंडित गुड्डू और पंडित हरिओम ने परंपरागत समय और क्षेत्र के लोगों को सूचित किए बिना ही होलिका में आग लगा दी। यह घटना उस समय हुई जब लोग होलिका दहन के लिए एकत्रित होने की तैयारी कर रहे थे। लोगों का कहना है कि होलिका दहन हमेशा सामूहिक सहमति और निर्धारित समय के अनुसार ही होता आया है, लेकिन इस बार इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जो धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया। लोगों ने आरोप लगाया कि इस तरह की मनमानी से न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी प्रभावित हो सकता है। विवाद बढ़ता देख आक्रोशित लोग सीधे कोतवाली पहुंच गए और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली पहुंचे लोगों की शिकायत सुनने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि शिकायत के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जाएगी और उसके उपरांत ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।