आवास विकास काॅलोनी में मंगलवार को डाॅ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर युवाओं ने बाइक रैली निकाली थी। रैली में शामिल अराजक तत्वों ने माहाैल खराब करने का प्रयास किया और परशुराम चाैक पर जूते-चप्पल पहनकर चढ़ गए थे। नीले झंडे लहराते हुए चौक पर लगा दिए। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इससे ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया। तुरंत बड़ी संख्या में लोगों ने चाैक पर पहुंचकर हंगामा किया था। तब पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया था और देर रात अज्ञात युवकों के खिलाफ थाना सिकंदरा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बुधवार की सुबह 11 बजे एक बार फिर बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग परशुराम चाैक पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। वहां पहले से पुलिस फोर्स तैनात थी। विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामूली धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। वीडियो में आरोपी की पहचान होने पर भी कुछ नहीं किया जा रहा है। लोग पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताते हुए सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन करते हुए जुलूस भी निकालने लगे। सूचना पर एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा, एसीपी मयंक तिवारी और एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। लोगों को समझाकर सड़क से उठाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोगों ने धक्का-मुक्की कर दी। बाद में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
महर्षि परशुराम की तस्वीर छीनने पर भड़के
परशुराम चाैक पर ब्राह्मण समाज के लोग महर्षि परशुराम की तस्वीर अपने साथ लेकर आए थे। कुछ लोगों ने चाैक पर तस्वीर लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। तस्वीर भी छीनने की कोशिश की। इस दाैरान काफी देर तक खींचतान और धक्का-मुक्की होती रही।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो से होगी पहचान
सर्व समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ परशुराम चाैक स्थापना समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से भी मुलाकात की। पदाधिकारियों ने बताया कि पुलिस आयुक्त ने 48 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। चाैक पर पुलिस चाैकी की स्थापना की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित करने की बात कही है। वहीं प्राथमिकी में धाराएं बढ़ाई जाएंगी। इसकी जानकारी के बाद धरना समाप्त हुआ।
गिरफ्तारी के बाद कराएंगे गंगाजल से शुद्धिकरण
अखिल भारतीय परशुराम ब्राह्मण सेवा मंडल ने भी घटना पर आक्रोश जताया। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष पंडित दिलीप पाठक ने कहा कि ब्राह्मण एवं सवर्ण समाज का जितना उत्पीड़न, शोषण, अपमान भाजपा की सरकार में हो रहा है, उतना कभी नहीं हुआ। यह बेहद निंदनीय है। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अराजक तत्व भगवान परशुराम चौक पर जूते पहनकर चढ़ गए। भगवा ध्वजों को उखाड़कर नीले झंडे लहरा दिए। यह सनातन का अपमान है। कुछ लोगों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चौक का गंगाजल से शुद्धिकरण कराएंगे।