आगरा में झोलाछाप ने एक और मासूम की जान ले ली। यमुनापार एत्माउदौला में झोलाछाप के गलत इलाज से 10 माह के बच्चे ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजनों ने झोलाछाप की दुकान पर हंगामा किया।
झोलाछाप उनसे समझौता करने को दबाव बनाता रहा। हिंदूवादी संगठन के लोग पहुंच गए। इस बीच झोलाछाप दुकान बंद कर भाग गया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
यमुनाब्रिज अब्बास नगर निवासी हरीचंद के बेटे ईशु को शुक्रवार शाम दस्त शुरू हो गए। पास ही में झोलाछाप अलीम अब्बास की दुकान है। हरीचंद ने बताया कि झोलाछाप ने ड्रिप चढ़ाई और कुछ दवाएं भी दी। दवा देने के बाद दस्त बंद हो गए। ड्रिप चढ़ने के बाद झोलाछाप ने उनको घर भेज दिया। रात में बच्चे का पेट फूल गया और उसकी मौत हो गई।
मुकदमा दर्ज
शनिवार सुबह परिजन बच्चे का शव लेकर झोलाछाप की दुकान पर पहुंचे। दुकान बंद देख परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पीड़ित के समर्थन में हिंदूवादी संगठन के नेता भी पहुंच गए।
उन्होंने आरोपी झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। मामला बढ़ता देख परिजनों की शिकायत पर थाना एत्माउदौला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पड़ी भारी
यमुनापार में झोलाछाप की दुकानों का जाल बिछा हुआ है। इस क्षेत्र में 500 से अधिक झोलाछाप सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ये मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके का मुआयना तक नहीं किया।
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार जरूर निरीक्षण करने गए, लेकिन वह दुकान बंद मिली। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। झोलाछाप के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
समझौते को चलता रहा प्रयास
बच्चे की मौत के बाद झोलाछाप अलीम अब्बास ने समझौते का पूरा प्रयास किया। अपने स्तर से उसने पीड़ितों के पास 90 हजार रुपये तक का ऑफर भेजा। परिजनों ने समझौता न कर कार्रवाई पर अड़े रहे। इस तरह आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। अधिकांश मामलों में झोलाछाप समझौता कर मामले को दबा देते हैं।