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आरती स्थल तोड़े जाने के विरोध में 'कैद' किए भगवान, बिना दर्शन के निराश होकर लौटे भक्त

Thu, 29 Nov 2018 12:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)
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गिरिराज मंदिर के कपाट बंद - फोटो : अमर उजाला
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गोवर्धन के दानघाटी मंदिर के आरती स्थल का तोड़े जाने पर नगर के सभी प्रमुख मंदिर बंद कर दिए गए हैं। एनजीटी के आदेश पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में मंदिर सेवायतों ने यह फैसला लिया है। इससे दर्शन को आ रहे श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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बुधवार के बाद गुरुवार को भी गिरिराजजी मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों के कपाट नहीं खोले गए हैं। इससे दूरदराज से आने वाले हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन करे बिना लौटने को मजबूर हैं। गिरिराज मंदिर में न फूल बंगला सजा और न ही ठाकुरजी का शृंगार हुआ। अन्य मंदिरों के पट भी नहीं खोल गए हैं।  

मंदिरों के सेवायतों ने एनजीटी के आदेश और प्रशासन के विरोध में मंदिर के बाहर बैनर लगा दिया। इस दौरान गिरिराज मंदिर के बाहर एकत्र सेवायतों ने भाजपा और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
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न भोग लगा, न श्रृंगार हुआ

दानघाटी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन के प्रमुख मंदिर दानघाटी के सामने आरती स्थल तोड़ने का विरोध गुरुवार को भी जारी रहा। भड़के सेवायत दिन भर सड़कों पर रहे और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मंदिरों के कपाट बंद होने से भक्त भगवान के दर्शन किए बिना ही निराश होकर लौट गए। 

कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सांसद हेमामालिनी के प्रति भी लोगों ने गुस्सा दिखाया। बढ़ते विरोध को देख प्रशासन बैकफुट पर आ गया और फिलहाल अतिक्रमण हटाने का अभियान रोक दिया गया है। 

एनजीटी के आदेश पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। बुधवार को प्रशासन ने दानघाटी मंदिर के सामने बने आरती स्थल को भी तोड़ दिया था। इससे भड़के सेवायतों ने दानघाटी मंदिर, मानसी गंगा के मुखारबिंद मंदिर, हरगोकुल मंदिर के कपाट बंद कर दिए थे। 

दूरदराज से आए ठाकुर जी के भक्त भगवान के दर्शन भी नहीं कर सके। गुरुवार को भी इन मंदिरों के कपाट नहीं खुले। लक्ष्मीनारायण मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए। सेवायतों ने अनिश्चितकालीन कपाट बंद का एलान किया है। वहीं बढ़ते विरोध को देख प्रशासन ने भी फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। परिक्रमा मार्ग में कोई अभियान नहीं चलाया गया। 

जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र का कहना है कि दानघाटी मंदिर के सामने कुछ लोगों ने अवैध निर्माण कर रखा था। एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की टीम ने केवल उसे हटाया है। आरती स्थल यथावत है। लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है।
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