तहसील स्तर पर वकालत करने वाले वकीलों को भी अब चैंबर की सुविधा मिलेगी। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने तहसील स्तर पर भी वकीलों के लिए चैंबर सुविधा के लिए प्रस्ताव भेजा है। तहसील में वकालत करने वाले वकीलों की सूची तहसील बार एसोसिएशन से मांगी गई है।
जिले में वकीलों के लिए चैंबर की सुविधा केवल दीवानी और कलेक्ट्रेट के वकीलों के लिए ही उपलब्ध है। दीवानी और कलेक्ट्रेट के वकील चैंबर में बैठते हैं। तहसील स्तर पर वकील खुले में झोपड़ी अथवा टिन शेड डालकर ही बैठते हैं। गर्मी और बारिश के समय तहसील में वकालत करने वाले वकीलों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में बारिश से बचाव के लिए वकील सुरक्षित स्थानों का सहारा लेते हैं। तहसील स्तर पर वकीलों को चैंबर दिलाने की मांग बहुत पुरानी है। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने तहसील के वकीलों की समस्याओं को देखते हुए उनके लिए चैंबर सुविधा के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है। बार काउंसिल के सदस्य / सचिव ने सभी तहसील बार एसोसिएशन से पंजीकृत सदस्यों की सूची भी मांगी है।
छह तहसीलों में खुले में बैठते हैं वकील
जिले में सदर सहित छह तहसीलें हैं। तहसील सदर के अलावा तहसील भोगंाव, किशनी, करहल, घिरोर, कुरावली में वकालत करने वाले वकील खुले में ही बैठते हैं। खुले में बैठने वाले वकीलों को गर्मी और बारिश के मौसम में वकालत करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। छह तहसीलों में 400 से अधिक वकील वकालत कर रहे हैं।
वर्जन
तहसील के वकीलों को भी चैंबर की सुविधा मिलनी चाहिए। बार काउंसिल की पहल सराहनीय है। बार काउंसिल के प्रस्ताव पर शासन को चैंबर योजना पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
अभिनंदन यादव, अध्यक्ष बार एसोसिएशन घिरेार
पंकज मिश्र