फास्टफूड और मुलायम खाद्य सामग्री की बढ़ती आदत से बच्चों के दूध के दांत समय पर नहीं उखड़ रहे और जबड़ों का आकार छोटा हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान और फास्टफूड के कारण अब 40 की उम्र में ही दांत हिलने की समस्या सामने आ रही है।
बच्चे हो तुम और अभी दूध के दांत तक नहीं उखड़े...। फास्टफूड-मुलायम खाद्य सामग्री खाने से वयस्क होने पर भी दूध के दांत जमे हुए हैं। साबुत फल, मोटे अनाज न खाने से मसूड़ों की वर्जिश नहीं हो पा रही है। इससे 12 फीसदी के दूध के सभी दांत नहीं गिर रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंडियन डेंटल एसोसिएशन की एडाकॉन-2026 में डॉक्टरों ने बातचीत में ये जानकारी दी।
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फरीदाबाद के वक्ता डॉ. राहुल ग्रोवर ने बताया कि 8-12 साल तक की उम्र तक दूध के सभी दांत गिर जाते हैं। तीन से चार महीने के शिशु में दूध (कच्चे) के दांत आना शुरू हो जाते हैं। बच्चों के फास्टफूड, फल-सलाद को चाकू से काटकर खाने की आदत के चलते से 10-12 फीसदी बच्चों के दूध के पूरे दांत नहीं गिर रहे। कई तो ऐसे हैं, जिनके वयस्क होने तक भी दूध के दांत बने हुए हैं।
जबड़ों का आकार भी छोटा हो रहा है। इससे पक्के दांतों को मसूड़ों पर पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, जिससे आड़े-तिरछे दांत आ रहे हैं। इससे बाद में सर्जरी से ठीक कराने पड़ते हैं। कई के अतिरिक्त दांतों को निकालना भी पड़ता है। आड़े-तिरछे दांतों की सफाई आसान नहीं है, इसके चलते इनमें गंदगी जमने और कीड़ा लगने का खतरा भी तीन गुना ज्यादा है।
लखनऊ के डॉ. प्रवीण कुमार राय ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान, फास्टफूड, कोल्डड्रिंक के चलते 70-80 फीसदी लोगों में दांत-मसूड़ों की बीमारी मिल रही है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति से 40 की उम्र में दांत हिलने लगे हैं। कई के तो उखाड़ने भी पड़ रहे हैं। 15-20 साल पहले ये स्थिति 60-70 की उम्र में होती थी।
चॉकलेट, जेली, पिज्जा-बर्गर, पेटीज समेत अन्य की लत के कारण हर दूसरे बच्चे के दांतों में कीड़ा लगने की परेशानी मिल रही है। दांतों की सफाई, दवा के साथ परिजन और लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। आईडीए अध्यक्ष डॉ. योगेश शर्मा, सचिव डॉ. एनएस लोधी, डॉ. कुशल सिंह, डॉ. मनोज यादव, डॉ. विवेक शाह, डॉ. मेघा यादव, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. मोहित गुप्ता, डॉ. अर्पिता जग्गू, डॉ. मोनिका अरोड़ा, डॉ. सोनिया चौधरी ने भी व्याख्यान दिया।