अमांपुर(कासगंज)। क्षेत्र के महदवा गांव में एक परिवार के 4 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। इनमें माता पिता के अलावा दो बच्चे शामिल हैं। फूड प्वाइजनिंग की शिकार एक बालिका की बृहस्पतिवार की सुबह घर पर ही मौत हो गई। बालिका की मौत के बाद परिवार के तीन अन्य सदस्यों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। फूड प्वाइजनिंग का शिकार ग्याप्रसाद (45) निवासी महदवा का परिवार हुआ। बताया गया कि मंगलवार की रात्रि को वनस्पति घी से पराठें बनाए गए थे और आलू की रसेदार सब्जी। यह भोजन ग्याप्रसाद, उनकी पत्नी पुष्पा देवी (40), बेटी करिश्मा(13), बेटा नंदकिशोर (8) ने खाया। खाना खाकर सभी सो गए, लेकिन सभी को अपच की शिकायत हो गई। सुबह भोर में सभी को उल्टी दस्त होने लगे। गांव के ही एक ग्रामीण चिकित्सक से परिजनों ने दवाई ली, लेकिन आराम नहीं मिला और उल्टी दस्त का सिलसिला चलता रहा। बृहस्पतिवार की सुबह बालिका करिश्मा की हालत काफी बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पिता ने बेटी की मौत होने पर गांव के लोगों को आवाज दी। उल्टी दस्त के कारण परिवार के सभी लोग पस्त थे। ग्रामीण चिकित्सक से सभी को सुबह भी दवा दिलाई। इसके बाद ग्रामीणों ने सभी पीड़ितों को एंबुलेंस बुलाकर जिला चिकित्सालय भिजवाया। जहां इमरजेंसी वार्ड में इनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर फूड प्वाइजनिंग की वजह दूषित खाना मान रहे हैं।
अमांपुर। फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुई करिश्मा अपने माता पिता की इकलौती बेटी थी। जिसकी जान चली गई। एक बेटा नंदकिशोर बीमार है। उनका बड़ा बेटा आकाश अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ता है। हादसे की सूचना पर आकाश व अन्य रिश्तेदार भी जिला अस्पताल पहुंच गए।
कासगंज। फूड प्वाइजनिंग के कारण उल्टी दस्त होने से परिजनों का हाल बेहाल था। इतनी परेशानी के बीच बेटी की मौत का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। अस्पताल में कुछ देर उपचार कराने के बाद परिवार के लोग बेटी का अंतिम संस्कार करने गए और अंतिम संस्कार करने के बाद फिर से अस्पताल में भर्ती हो गए।
फूड प्वाइजनिंग का शिकार एक ही परिवार के तीन लोगों का इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। इलाज के बाद हालत में सुधार हो रहा है। बेटी को यहां इलाज के लिए नहीं लाया गया। फूड प्वाइजनिंग का कारण दूषित खाना रहा है।- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस।