कासगंज। योगी सरकार के शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी के आदेश के खिलाफ आज 15 जुलाई को जिले के शिक्षक-शिक्षिकाएं एकजुटता दिखाएंगे। शिक्षकों द्वारा जहां पैदल मार्च निकाला जाएगा। वहीं इस आदेश के खिलाफ में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।परिषदीय शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी और रजिस्टरों के डिजिटाइजेशन का प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बिना सुविधाएं दिए ही शिक्षकों पर तानाशाही भरा निर्णय थोपने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक इस आदेश का विरोध किया जाएगा। शिक्षकों ने इस आदेश के विरोध में एक सप्ताह तक काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करते हुए अपना रोष जताया। अगले चरण में शिक्षकों द्वारा आज 15 जुलाई सोमवार को जिले में पैदल मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही आज 2:30 बजे कलेक्ट्रेट पर डीएम को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
जिलाध्यक्षों से बातचीत:
- सरकार को पहले परिषदीय विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं का समाधान करना चाहिए था। इसके बाद इस तरह का तुगलकी फरमान जारी करना चाहिए था। - देवेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
- सरकार द्वारा शिक्षकों को जनता की नजर में कामचोर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। जोकि पूरी तरह अशोभनीय है। शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में नहीं है लेकिन चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को सुना जाए। - अमित यादव, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
- शिक्षकों की कुछ मांग हैं। सरकार को पहले इन मांगों को पूरा करना चाहिए था। इसके बाद ही यह ऑनलाइन हाजिरी लगाने का आदेश जारी करना चाहिए था। - शुभनेश यादव, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
- ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में जिले के सभी शिक्षकों से आव्हान किया गया है कि वह सोमवार को दोपहर 2:30 बजे कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। - जितेंद्र पाल सिंह, जिलाध्यक्ष, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ