आगरा में भीषण गर्मी के बीच महिला शिक्षिकाओं ने गर्भवती और बीमार शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है। संघ ने कार्य के समय में बदलाव और स्वास्थ्य को देखते हुए राहत देने की अपील जिलाधिकारी से की है।
बीमार और गर्भवती शिक्षिकाओं ने सोमवार को जिलाधिकारी से जनगणना ड्यूटी से मुक्ति की गुहार लगाई है। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के नेतृत्व शिक्षकों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान को सौंपा। ड्यूटी से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों और भीषण गर्मी को देखते हुए राहत की मांग की।
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महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष गीता सिंह राठौड़ और प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि दिव्यांग, गंभीर रूप से अस्वस्थ, गर्भवती महिला शिक्षकों और छोटे बच्चों की देखभाल कर रही माताओं को जनगणना कार्य से मुक्त रखा जाए। साथ ही, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में केवल दो वर्ष शेष हैं, उन्हें भी इस कार्य में न लगाया जाए।
गर्मी को देखते हुए समय बदलने की मांग
शिक्षिकाओं ने बढ़ती धूप और लू के प्रकोप का हवाला देते हुए परिषदीय विद्यालयों के समय में संशोधन की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक विद्यालय संचालन से शिक्षकों और बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान संगठन की महामंत्री अनीता चाहर, संगीता शर्मा, प्रतिभा यादव, प्रमिला कुमारी और हेमलता सहित कई शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह ने मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।
प्रमुख मांगें
- जनगणना कार्य के बदले उचित मानदेय और प्रतिकर अवकाश दिया जाए।
- ड्यूटी के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन की समुचित व्यवस्था हो।
- कार्य का विभाजन संतुलित और व्यावहारिक रूप से किया जाए।