कासगंज। ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ शिक्षकों के जबरदस्त विरोध और आक्रोश को देखते हुए मंगलवार को सरकार ने इस आदेश को दो माह के लिए स्थगित कर दिया है। दो माह के स्थगन आदेश के बाद भी शिक्षकों ने राहत की सांस नहीं ली है। शिक्षकों का कहना है कि यह आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक है। इसे स्थगित नहीं वरन निरस्त किया जाए।योगी सरकार ने हाल ही में परिषदीय शिक्षकों को टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन हाजिरी लगाने के निर्देश जारी किए थे। इसके विरोध में पूरे प्रदेश भर के शिक्षक एकजुट हो गए थे और चरणबद्ध तरीके से इसके खिलाफ विरोध जताया। पहले काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। इसके बाद पूरे प्रदेश में 15 जुलाई को एक साथ प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इसके बाद मंगलवार योगी सरकार ने ऑनलाइन हाजिरी के आदेश को दो माह तक टालते हुए एक कमेटी का गठन करने की बात कही। इस पर उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सरकार का स्थगन आदेश शिक्षकों का बहलाने का तरीका है। शिक्षकों को स्थगन आदेश की जगह निरस्तीकरण आदेश चाहिए। जब तक ऑनलाइन हाजिरी का आदेश निरस्त नहीं होगा, तब तक शिक्षकों का विरोध जारी रहेगा। वहीं महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सरिता शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन हाजिरी का आदेश निरस्त होने के साथ ही उनकी सात सूत्रीय मांगे भी मानी जाएं। इसके बाद ही शिक्षकों का विरोध खत्म होगा।