गांव महमदगढ़ के ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक अपनी मर्जी से आते-जाते हैं। बृहस्पतिवार को जब शिक्षक देरी से पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। टोकने पर शिक्षकों ने बीमारी का बहाना बनाया, लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। वायरल वीडियो में शिक्षक ग्रामीणों को यह चुनौती देते भी नजर आए कि जितने चाहो वीडियो बनाओ, हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। ग्रामीण रवि, भागीरथ और बृजमोहन ने बताया भीषण गर्मी के बावजूद स्कूल में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चों को पानी के लिए गांव की टंकी पर जाना पड़ता है। शौचालय बंद होने के कारण बच्चे खेतों में जाने को मजबूर हैं। मिड डे मील में बच्चों को मेनू के अनुसार कभी फल और दूध नहीं दिया जाता।
नायब तहसीलदार दो दिन में साैंपेंगे रिपोर्ट
एसडीएम खेरागढ़ ऋषि राव ने इसे शिक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। जल्द ही क्षेत्र के सभी विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण का विशेष अभियान चलाया जाएगा।