बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन करते सेवानिवृत्त शिक्षक।
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। तीन साल से सेवानिवृत्त शिक्षक अपने एरियर भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। बीएसए कार्यालय पहुंचे सेवानिवृत्त शिक्षकों से जब लेखा विभाग ने खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट मांगी तो आक्रोशित सेवानिवृत्त शिक्षकों ने प्रदर्शन करते हुए नाराजगी प्रकट की।
जून 2015 में सेवानिवृत्त हुए 34 शिक्षकों को शासन ने सत्र लाभ प्रदान किया था। इन शिक्षकों के अन्य भुगतान तो कर दिए गए लेकिन एक जुलाई 2015 से आठ अक्तूबर 2015 तक का भुगतान रोक दिय। तीन महीना आठ दिन का लगभग प्रत्येक शिक्षक का 1.70 लाख रुपया आज तक भुगतान नहीं किया जा सका। परेशान शिक्षकों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 21 शिक्षकों का भुगतान कर दिया गया। इस दौरान दो शिक्षकों की मौत हो गई।
शेष 11 शिक्षक आज भी अपने वेतन के भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। 28 अप्रैल को हाईकोर्ट ने दो माह के अंदर 11 सेवानिवृत्त शिक्षकों का वेतन भुगतान किए जाने के निर्देश विभाग को दिए थे। शनिवार को जब सभी सेवानिवृत्त शिक्षक लेखाधिकारी कार्यालय में अपना वेतन एरियर के रूप में भुगतान कराने पहुंचे तो यह कहकर लौटा दिया गया कि वे खंड शिक्षाधिकारी से सत्यापित कराकर लाएं। आक्रोशित शिक्षकों ने शनिवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए शीघ्र बकाया भुगतान की अपील की।
बीएसए कार्यालय पहुंचे सेवानिवृत्त शिक्षकों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि 28 अप्रैल को हाईकोर्ट ने दो महीने के अंदर उन लोगों का बकाया भुगतान किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब निश्चित अवधि में मात्र पांच दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद भी विभाग ने अभी तक उनके भुगतान की कोई तैयारी नहीं की है।