कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। तभी तो शिक्षक एक के बाद लापरवाही करते ही जा रहे हैं। विभागीय योजना के क्रियान्वयन में उनकी विशेष रुचि नहीं दिख रही। शासन के निर्देश पर ग्राम शिक्षानिधि की धनराशि के सरेंडर के बावजूद तमाम शिक्षक लापरवाह बने हुए हैं। निर्धारित समयावधि गुजरने के बाद भी शिक्षकों ने धनराशि सरेंडर नहीं की है। उस पर बीएसए ने अंतिम चेतावनी देते हुए 15 जुलाई तक की मोहलत दे दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग में ग्राम शिक्षानिधि के खातों में वर्षों से लाखों रुपये जमा हैं। शासन ने निर्देश दिए कि 31 मार्च 2019 तक इन खातों की अप्रयुक्त धनराशि संबंधित स्कूलों द्वारा विभाग को वापस दे दी जाए। इसके लिए 5 जुलाई तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन अधिकांश विद्यालयों ने अभी तक ग्राम शिक्षानिधि की धनराशि के चेक विभाग को सरेंडर नहीं किए हैं।
इस पर बीएसए ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और चेतावनी दी है कि जल्द ही यदि धनराशि जमा नहीं की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। 15 जुलाई तक का अंतिम समय दिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में गंभीरता नहीं दिखाई तो विभागीय कार्रवाई के साथ साथ वित्तीय अनियमितता की कार्रवाई भी की जाएगी।
देना होगा बैंक विवरण
बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया है कि अवशेष धनराशि का जो चेक जमा किया जाएगा उसके साथ बैंक विवरण देना भी अनिवार्य होगा। बैंक विवरण के बिना चेक मान्य नहीं होंगे।
- 1434 बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल हैं जिले में।
- 935 विद्यालयों ने जमा किए अवशेष धनराशि के चैक।
- 499 विद्यालय अभी अभी बने हैं लापरवाह।
जिन शिक्षकों ने अभी तक ग्राम शिक्षानिधि की अवशेष धनराशि का चेक जमा नहीं किया है। उन्हें 15 जुलाई तक की मोहलत दी गई है। उसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाएगी। - अंजली अग्रवाल, बीएसए।