कासगंज। कासगंज जिले में परिषदीय स्कूल के एक शिक्षक, दो शिक्षिकाओं और केजीबीवी की एक शिक्षिका की बीएडी डिग्री फर्जी पाई गई है। इन सभी के मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बीएसए ने इसका खुलासा किया है। सभी को विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री के आधार पर जिले में नौकरी हासिल कर चुके शिक्षक शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की एसआईटी ने जांच की। लेकिन कई शिक्षक जिले में ऐसे पाए गए जो एसआईटी की सूची में शामिल ही नहीं थे। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों से वर्ष 2004-05 की डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों का ब्यौरा तलब किया।
अब तक 4 शिक्षकों का ब्यौरा मिला जो एसआईटी सूची में शामिल नहीं थे। यह सभी उम्मेदपुर महाविद्यालय एटा से वर्ष 2004-05 के डिग्रीधारक थे। बीएसए ने गंजडुंडवारा और अमांपुर के खंड शिक्षाधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर इनकी जांच कराई। पाया गया कि उम्मेदपुर महाविद्यालय में बीएड डिग्री का शैक्षिक सत्र 2006 से शुरू हुआ, जबकि ये 1 साल पहले की जालसाजी के आधार पर इस महाविद्यालय की डिग्री हासिल कर चुके थे।
सत्यापन होते ही फर्जीवाड़ा खुल गया है। अमांपुर के प्राथमिक विद्यालय तैय्यबपुर में तैनात देवकी रानी, शेरपुर विद्यालय में तैनात राजेश कुमारी और पहाड़पुर कटरा विद्यालय पर तैनात देवेंद्र के दस्तावेजों के सत्यापन में पाया गया है कि इन लोगों की वर्ष 2004-05 की डिग्रीयां फर्जी हैं।
इन सभी ने वर्ष 2014 में शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की है। इसके अलावा केजीबीवी फरौली में तैनात पूर्णकालिक शिक्षिका रजनी ने वर्ष 2018 में नौकरी हासिल की। इनकी डिग्री भी फर्जी है। इन सभी को बीएसए ने विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया है।
- परिषदीय स्कूल की दो शिक्षिकाओं, एक शिक्षक और कस्तूरबा विद्यालय की एक शिक्षिका की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई है। इन सभी को विधिक कार्रवाई के लिए नोटिस दे दिया गया है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।- अंजली अग्रवाल, बीएसए।