मैनपुरी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर बाल विवाह रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स में 14 सदस्य बनाए गए हैं। बाल विवाह रोकने को लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए गंाव स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में पहुंचकर अधिकारी बाल विवाह के दुष्परिणामों की लोगों को जानकारी देंगे।
बाल विवाह को सामाजिक बुराई मानकर शासन ने बाल विवाह रोकने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अभियान के तहत लोगों को गंाव स्तर पर जागरूक करने के लिए शिविर और गोष्ठियां आयोजित किए जाएंगे। गांव स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने वाले अधिकारी ग्रामीणों को बाल विवाह से बालिकओं को होने वाले नुकसान की जानकारी देंगे। कार्यक्रमों में प्रशासन के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग के अधिकारी भाग लेंगे। ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान तथा शहरी क्षेत्र में निकाय सदस्य जागरूकता अभियान में अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएंगे।
टास्क फोर्स का हुआ गठन
बाल विवाह रोकने को 14 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाई गई है। टास्क फोर्स में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के अलावा डीएम, एसपी, प्रोबेशन अधिकारी, सीडीओ, सीएमओ, समाज कल्याण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बाल संरक्षण अधिकारी, महिला कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया है।
-
वर्जन-
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश के तहत बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गंाव स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शासन की वरीयता में शामिल योजना की समीक्षा नामित अधिकारी करेंगे।
नम्रता सिंह, प्रभारी सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण
-