उत्तर प्रदेश के एटा जिले के थाना अवागढ़ क्षेत्र में अंधविश्वास में फंसकर महिला अपना सबकुछ गवां बैठी। तांत्रिक की बातों में आकर वह तीनों बच्चों के साथ नगरकोट जात करने के लिए गई, लेकिन वहां से तीन महीने बाद लौट पाई। महिला का आरोप है कि तांत्रिक ने दो बच्चों संग उसे करीब तीन महीने बंधक बनाकर रखा। उसके आभूषण लूट लिए।
यहां का है मामला
थाना क्षेत्र के गांव गलुआ निवासी मुनीशा ने बताया कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद से कभी उसकी भैंस तो कभी बछड़ा मर जाता था। लोगों की राय पर तांत्रिक पीतम सिंह उर्फ पप्पू निवासी जेडा को बुलाया। उसने बताया कि तुम्हारे घर भूतों का बहुत बड़ा साया है। इसी वजह से तुम्हारे पति की मृत्यु हुई है। किसी बच्चे की भी मृत्यु हो सकती है। बचने के लिए नगरकोट जात करने चलना होगा।
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खो बैठी थी सुध-बुध
उसके कहने पर करीब तीन महीने पहले अपने दो बच्चों को लेकर उसके साथ जात के लिए चली गई। जात करने के बाद तांत्रिक ने कुछ ऐसा कर दिया जिससे सुध-बुध नहीं रही। किसी शहर में ले जाकर उसने किराए के एक मकान में हमको बंधक बनाकर रखा। अपनी मां को भी वहीं बुला लिया। करीब 30 ग्राम सोने के आभूषण ले लिए। इसके बाद वह अपने गांव जेडा ले गया। वहां पीतम, उसका बाबा बखेड़ी सिंह, मां शीला देवी उसकी निगरानी करते थे।
इस तरह हुई आजाद
3 अक्तूबर को तांत्रिक कहीं बाहर गया हुआ था। सुबह के समय शीला देवी मंदिर और बखेड़ी सिंह खेत पर गया था। मौके पाकर वह अपने बच्चों को लेकर वहां से भाग आई। थानाध्यक्ष फूलचंद ने बताया कि महिला की तहरीर पर तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।