फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजगंज प्रोजेक्ट : 217 करोड़ रुपये हो जाएंगे बर्बाद

Sun, 05 Jul 2015 02:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
जनता की गाढ़ी कमाई के 217 करोड़ रुपये बर्बाद होने वाले हैं। ताजमहल के पास ताजगंज प्रोजेक्ट में किए जा रहे काम अक्तूबर 2016 तक पूरे होंगे, लेकिन उसके पूरे होते ही ताज पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी गेट पर कई विभाग खोदाई के लिए तैयार बैठे हैं। जल निगम, यमुना एक्शन प्लान, जलकल, ग्रीन गैस और टोरंट की अंडरग्राउंड लाइनों के लिए ताजगंज में कॉबल स्टोन और रेड सैंड स्टोन की सड़क खोदी जाएगी। विभागों के बीच समन्वय न होने से ताजगंज के हालात पहले जैसे ही हो जाएंगे।
विज्ञापन

12 साल पहले ताजगंज में यमुना एक्शन प्लान के तहत सीवर लाइन डाली गई, लेकिन यह जोड़ी नहीं गई। कनेक्टिंग चैंबरों का पता नहीं और घरों के कनेक्शन कब होंगे, किसी को नहीं मालूम। इसी तरह पानी की पाइप लाइन जर्जर होकर लीकेज कर रही हैं। मेन लाइन से घरों तक पहुंची अंडरग्राउंड लाइनें भी अब खराब होकर बदलने की कगार पर हैं। गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत पानी की पाइप लाइन को बदलने का काम किया जाएगा, लेकिन 2016 में गंगाजल आने के बाद। अक्तूबर 2016 में ताजगंज प्रोजेक्ट पूरा होगा और दिसंबर 2016 में गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत पानी आएगा। कॉबल स्टोन और रेड स्टोन की सड़क बनते ही गंगाजल और सीवर कनेक्टिंग चैंबर के लिए खोदाई शुरू हो जाएगी।

ग्रीन गैस, बिजली की लाइनें भी बनेंगी मुसीबत
दयालबाग, खंदारी के बाद पीएनजी के लिए ग्रीन गैस ताजगंज में भी खोदाई शुरू करेगी, वहीं बिजली की लाइनें भी अंडरग्राउंड होंगी। टोरंट ने एलटी लाइनों और घरों तक पहुंची केबल अंडरग्राउंड कर रखी है। किसी भी फाल्ट में यह केबल उखाड़ कर नए सिरे से लगाई जाएंगी। तब भी स्टोन की सड़क खोदनी होगी।
विज्ञापन


सब गोलमाल है...
ताजगंज में सीवर लाइन कनेक्ट ही नहीं है। कनेक्टिंग चैंबर बने नहीं, लोगों के घरों से यह जुड़े नहीं। ऐसे में ताजगंज प्रोजेक्ट में सड़क की खोदाई तो करनी ही पड़ेगी। अधिकारी जनता के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं।
डी के जोशी, सदस्य, सुप्रीम कोर्ट मानिटरिंग कमेटी

आपसी मिलीभगत से जनता की गाढ़ी कमाई ताजगंज प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। बसपा सरकार आने पर ताजगंज प्रोजेक्ट की जांच कराई जाएगी। बजट की पाई-पाई का हिसाब मांगा जाएगा।
सुनील कुमार चित्तौड़, एमएलसी, जोनल कोआर्डिनेटर बसपा


मुख्यमंत्री की छवि कर रहे खराब
सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ताजगंज प्रोजेक्ट को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं, लेकिन जब से प्रोजेक्ट शुरू हुआ है, तभी से ताजगंज प्रोजेक्ट सरकार की छवि बनाने से ज्यादा खराब कर रहा है। धूल, पत्थरों की कटाई से पर्यटकों को पहले दिक्कतें आईं तो कई पर्यटक चोटिल भी हुए। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद जब स्थानीय ताजगंज के लोग अपने लिए पानी, सीवर के लिए खोदाई कराएंगे तो यह बेतरतीब और खराब तस्वीर के साथ सैलानियों के सामने होगा।

बैठक में सभी ने साधी चुप्पी
ताजगंज प्रोजेक्ट में जल निगम, यमुना एक्शन प्लान, बीएसएनएल, नगर निगम आदि विभागों के साथ बैठक हो चुकी है, लेकिन कोई विभाग यह बताने को तैयार नहीं हुआ कि वह 2016 के बाद ताजगंज में खोदाई नहीं करेगा। पानी की लाइन ताजगंज में एक मीटर नीचे पड़ी है, केवल उसी की जानकारी प्रोजेक्ट इंजीनियर को दी गई है, जिससे उसे नुकसान न पहुंचे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें