ताजमहल के पीले पड़ने की जांच रिपोर्ट में वजह बेशक कई दी गई हैं, लेकिन एएसआई और प्रशासन के अधिकारी अपनी नाकामी का ठीकरा मोक्षधाम पर फोड़कर अपने बचाव का रास्ता तैयार कर रहे हैं। ताजमहल के वजूद से पहले जिस जगह अंतिम संस्कार होते रहे हैं, उस ताजगंज मोक्षधाम को हटाने की प्रशासन की कवायद का शहर ने पुरजोर विरोध किया है। 12 मई को शहर के सभी संगठन श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के साथ मिलकर आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।
ताजमहल से सैकड़ों साल पुराने ताजगंज मोक्षधाम का संचालन 1885 से श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी कर रही है। कमेटी सदस्यों की रविवार को हुई बैठक में अध्यक्ष सुनील विकल ने कहा कि मोक्षधाम का स्थानांतरण लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। ताजमहल को खतरा मोक्षधाम पर हो रहे अंतिम संस्कार से नहीं, बल्कि उन सरकारी विभागों से है, जो उदासीन है। ताजमहल के संरक्षण और पर्यावरण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिए, अफसर उनका तो पालन करते नहीं है, लेकिन मोक्षधाम की शिफ्टिंग पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ जरूर कर रहे हैं। महामंत्री राजकुमार जैन, मंत्री विपिन अमरनाथ गुप्ता, विष्णु गर्ग ने कहा कि डाउनस्ट्रीम में बैराज बनाने की बात होती रही है, लेकिन बैराज अब तक नहीं बना। पूर्वजों से जुड़े पवित्र स्थल मोक्षधाम का स्थानांतरण संभव नहीं है। यह अफसरों का नहीं, बल्कि शहर के लोगों का मामला है।
बैठक में संजय गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, संजीव गुप्ता, गिरीश शर्मा, अखिल गुप्ता, राजेंद्र गोयल, किशन अग्रवाल, अभय गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, पंकज विकल, बृज मोहन अग्रवाल, माता प्रसाद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
कल तय होगी विरोध की रणनीति
श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के महामंत्री राज कुमार जैन के मुताबिक मोक्षधाम को स्थानांतरित करने पर 12 मई को सुबह 9 बजे बजाजा कमेटी कार्यालय, एमजी रोड पर बैठक बुलाई गई है। इसमें आगरा के सभी सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक और महिला संगठनों को आमंत्रित किया गया है। सभी संगठनों के पदाधिकारियों को इस मामले में अपने सहयोग और सुझावों के लिए बुलाया है।
वर्जन
ताजगंज मोक्षधाम शिफ्ट करने का कोई आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया ही नहीं। अगर प्रशासन विद्युत शवदाह गृह को प्रचारित कराए और एडीए से पार्किंग खाली कराकर सौंदर्यीकरण, सुविधाएं दे तो लोगों का रुझान बढ़ेगा। इससे लकड़ियां भी बचेंगी और मोक्षधाम में अंतिम संस्कारों की संख्या भी कम हो जाएगी।
अशोक गोयल
संरक्षक, श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी
संगठन बोले, धार्मिक भावनाओं से नहीं करने देंगे खिलवाड़
शिवसेना ने ताजगंज मोक्षधाम को शिफ्ट करने के लिए एएसआई द्वारा लिखे पत्र पर आक्रोश जताया है। जिला प्रमुख वीनू लवानियां ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाने दी जाएगी। सोमवार को दोपहर 12 बजे मंडलायुक्त कार्यालय पर शिवसेना प्रदर्शन करेगी।
लीड आगरा महामंत्री सुनील जैन ने कहा कि मोक्षधाम की शिफ्टिंग का हर हाल में विरोध किया जाएगा। अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी। जागरूक नागरिक सद्भाव समिति की रूई की मंडी में हुई बैठक में संजय अग्रवाल, हेमंत भोजवानी, सुनील कर्मचंदानी ने एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद् का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज की भावनाओं से खिलवाड़ है। बैठक में रोष व्यक्त करने वालों में दिलीप खंडेलवाल, आशुतोष कुलश्रेष्ठ, विक्की बरजानी, राजू यादव, कुलदीप सक्सेना मौजूद रहे।
चारों कोनों पर महादेव मंदिर और शमशान घाट
आगरा। शहर के चारों कोनों पर महादेव मंदिर है, ठीक उसी तरह चार शमशान घाट भी प्राचीन काल से चले आ रहे हैं। ये कैलाश, बल्केश्वर, मलका चौतरा और ताजगंज हैं। 1997 में ताजगंज विद्युत शवदाह गृह शुरू किया गया, लेकिन एडीए ने उसी जमीन पर बैटरी बसों की पार्किंग और डिपो बना दिया।