ताजमहल के टिकट दर में बढ़ोतरी से अपना खजाना बढ़ाने के लिए एडीए बोर्ड ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। अब तक का सच तो यह है कि सैलानियों की सुविधा बढ़ाने के लिए पथकर के नाम से वसूली जानी वाली रकम को हमेशा मलाई समझा गया।
इसे खर्च करते समय पर्यटन नहीं अफसरों के ऐश ओ आराम का ख्याल रखा जाता है। पथकर उपयोग के नियम हैं, लेकिन इनकी अनदेखी और मनमाना खर्च की परंपरा रही है। और तो और, इन खर्चों के औचित्य की कभी जांच तक नहीं हुई।
खर्च के कुछ नमूने देखिए। स्मारकों पर एएसआई के उलट एडीए द्वारा वसूले जा रहे पथकर से अधिकारियों के लिए कारें खरीदी गईं। स्कार्पियो पर 48.87 लाख तो एटिओस पर 8.67 लाख रुपये खर्च हुए। पेट्रोलिंंग के नाम पर खरीदी गई स्कार्पियो पर अफसर घूम रहे हैं।
8 मार्च 2013 को जेपी होटल में डिनर का खर्च भी पथकर से निकाला गया। यूं तो पथकर सलाहकार समिति भी है, लेकिन जांच तो दूर उसने इन खर्चों पर कभी सवाल तक नहीं उठाया। इसके विपरीत ताजमहल बनवाने वाले शाहजहां के उर्स पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खर्च देने से पथकर कमेटी ने इनकार कर दिया, लेकिन भीमनगरी और भोले बाबा सत्संग स्थल पर विकास कार्य कराए। पथकर से टोल फ्री नंबर के लिए पांच लाख रुपये नहीं दिए गए, जबकि एडीएम प्रोटोकाल कार्यालय के लिए लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, फोटोकॉपी मशीन की खरीद का प्रस्ताव जरूर आया।
पथकर प्रयोग के ये हैं नियम
पर्यावरण, हरियाली पर-20%
पर्यटक सुख-सुविधाओं-15%
पर्यटक उपयोग इन्फ्रास्ट्रक्चर-40%
पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर-15%
टूरिस्ट पुलिस, सुरक्षा-10%
इनर रिंग रोड के कर्ज के लिए बढ़ाया पथकर
एडीए ने इनर रिंग रोड निर्माण के लिए हुडको से 250 करोड़ रुपये कर्ज लिया है। पथकर से 25 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कर्ज वापसी की योजना है। 10 साल में यह वापसी होगी। पथकर से एडीए को 40 करोड़ रुपये मिलते हैं। प्रस्तावित वृद्धि के बाद यह कमाई करीब 70 करोड़ रुपये हो जाएगी।
ट्रेवल एजेंट ने कैंसिल किए चार्टर
साल 2000 में ताज का टिकट 750 रुपये किए जाने पर ट्रैवल एजेंटों ने बुकिंग कैंसिल की थीं। आगरा और गोवा में चार्टर लाने वाली कंपनी यूवीआई होलीडेज ने अपने ग्रुप ओलंपिया इंटरनेशनल, नीदरलैंड के हवाले से बताया था कि स्मारकों का प्रवेश टिकट महंगा होने से टूर कैंसिल कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट से लेनी होगी अनुमति
पथकर वृद्धि के खिलाफ पर्यटन संस्थाओं द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने टिकट दर में बढ़ोतरी वापस लेने के आदेश दिए थे। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि तब एएसआई ने टिकट पर अपने हिस्से की दर घटाकर 250 रुपये कर दिया लेकिन एडीए की दर 500 रुपये ही रही। उनका कहना है कि इसी कारण अब पथकर बढ़ाने से पहले सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेनी होगी।
टॉयलेट मेंटीनेंस 31 लाख में
शिल्पग्राम में 3 टॉयलेट के मेंटीनेंस पर 31 लाख रुपये खर्च किए गए जबकि यह ताज महोत्सव के 10 दिन छोड़कर पूरे साल बंद रहते हैं। महोत्सव में रंगाई-पुताई का खर्च हर साल दोगुना हुआ। 2012 में पुताई पर 7 लाख तो 2014 में 13.50 लाख खर्च हुए। सीओ आफिस पर 5.92 लाख रुपये अलग खर्च हुए। मुगलिया गार्डन पर सेमिनार पर 10 लाख रुपये भी पथकर मद से खर्च किए।