ताजमहल पर रविवार को सैलानियों का सैलाब उमड़ा। खासकर दोपहर एक बजे के बाद तो ताजमहल के तीनों प्रवेश द्वारों पर सैलानियों का दबाव एकाएक बढ़ गया जो शाम को गेट बंद होने के समय तक बना रहा। भीड़ के कारण ताज पर व्यवस्थाएं चरमरा गईं। वहीं चार हजार सैलानी ताज देखे बिना ही लौट गए। कतार में लगे सैलानियों ने गेट बंद होने के समय हंगामा काटा और टिकट वापस करने की मांग की।
क्रिसमस से लेकर न्यू ईयर तक ताजमहल पर सैलानियों की भारी भीड़ रहती है। इस बार क्रिसमस से दो दिन पहले ही वीक एंड के कारण ताज पर भीड़ शुरू हो गई जो 31 दिसंबर को रविवार होने के कारण बरकरार रहेगी। रविवार को भीड़ ज्यादा होने से शाम को जब गेट बंद हुआ तो करीब चार हजार सैलानी बाहर ही रह गए।
टिकट खरीदने के कारण वह स्मारक में प्रवेश चाहते थे, लेकिन सीआईएसएफ ने उन्हें प्रवेश नहीं दिया। इस पर हंगामा हुआ। पश्चिमी गेट पर सैलानियों ने आक्रोश जताया, जिस पर पुलिस को उन्हें शांत करने में पसीने छूट गए। एएसआई का कहना है कि पूर्वी, पश्चिमी गेट पर ताज के गेट बंद होने का समय चस्पा किया गया और सभी सैलानियों को गेट पर ही बताया गया कि गेट तय समय पर बंद हो जाएगा, कतार देखकर ही टिकट खरीदें, लेकिन लोग नहीं माने।
एकाएक भीड़ बढ़ने के कारण प्रवेश के लिए मारामारी मच गई। ताज बंद होने के बाद सैलानियों के एक साथ पार्किंग से निकलने के कारण माल रोड, यमुना किनारा और शिल्पग्राम रोड जाम हो गया। पश्चिमी गेट पर कारीडोर स्थल तक सड़क पर ही पार्किंग बनी रही, वहीं यहां पूरे दिन जाम के हालात बने रहे।