एक मार्च तक बढ़े ताज महोत्सव में शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समा बांध दिया। नन्हें कलाकारों से लेकर युवा कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाकर दर्शकों का दिल जीता। शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर दोपहर से शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में हॉलीवुड, बॉलीवुड, लोग गीतों, लोक नृत्य, समूह गायन, एकल गायन, मिमिक्री आदि का देर रात तक दौर चला।
स्थानीय कलाकार शिल्पी अग्रवाल ने सुन रहा है न तू, रहा हूं मैं गाकर काफी वाहवाही लूटी। विशाल अग्रवाल की सुरीली आवाज को दर्शकों ने काफी सराहा। उदिति सिंह द्वारा प्रस्तुत किया भरतनाट्यम को दर्शकों ने काफी सराहा।
लुईब्रिल दृष्टि संस्थान के बच्चों की गायकी प्रतिभा का दर्शकों ने लोहा मान लिया। मुक्ताकाशीय मंच में मौजूद संगीत के जानकारों ने सुर, लय और ताल पर पकड़ की प्रशंसा की। स्थानीय गायिका नेहा ने मैं तो जुगनी, जुगनी सुनाकर शिल्पग्राम मंच के मुक्ताकाशीय मंच के कार्यक्रमों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।