हम एक, लेकिन संस्कृति अनेक, थीम पर शुरू हुए 25वें ताज महोत्सव का गुरुवार को सतरंगी आगाज किया गया। रजत जयंती पर डाक विभाग ने ताज महोत्सव पर स्पेशल डाक कवर जारी कर इस मौके को ऐतिहासिक बना दिया। कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने दीप जलाकर महोत्सव का शुभारंभ किया। कला, शिल्प और संस्कृति के मेले में ताज के साए तले ब्रज की होली, चरकुला और मयूर नृत्य के साथ लेजर शो ने समां बांध दिया तो रात में रॉक स्टार फेम पार्श्व गायक मोहित चौहान की आवाज का जादू दर्शकों केसिर चढ़कर बोला।
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर ने 25वें ताज महोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह शिल्पग्राम में आखिरी महोत्सव है। ताज ओरियेंटेशन सेंटर के निर्माण के कारण यहां अब महोत्सव नहीं हो पाएगा। अगले साल के महोेत्सव के लिए प्रशासन नये स्थल की तलाश कर रहा है। संभवत: वह यमुना पार होगा, जहां से ताजमहल का दीदार किया जा सके। कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने चुटकी लेते हुए कहा कि जिन्होंने महोत्सव शुरू कराया, वह पहले डीएम केबिनेट सचिव बने तो दूसरे वाले मुख्य सचिव हैं। आगरा के डीएम का शानदार भविष्य है। ताज महोत्सव की रजत जयंती पर डाक विभाग की डीजी पोस्टल मनीषा सिन्हा ने स्पेशल डाक कवर जारी किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव की यादें इससे कभी नहीं मिटेंगी। यह ऐतिहासिक लम्हा है जो महोत्सव की यादों को हमेशा के लिए अंकित कर देगा। उद्घाटन समारोह के बाद सुधीर नारायन ने हम एक, संस्कृति अनेक थीम गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद ब्रज की होली और राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम के रंग में महोत्सव का मंच डूबा नजर आया तो रॉक स्टार मोहित चौहान के रोमांटिक गीतों को दर्शक देर रात तक साथ-साथ गुनगुनाते रहे। इस दौरान आईजी डीसी मिश्रा, डीएम पंकज कुमार, एडीए उपाध्यक्ष मनीषा त्रिघाटिया के साथ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार मौजूद रहे।
छाई मयूर नृत्य और ब्रज की होली
ताज महोत्सव के पहले से लेकर 25वें साल तक सबसे खास रही ब्रज की होली और मयूर नृत्य। मथुरा के यशभारती से सम्मानित ख्याति प्राप्त कलाकार पंडित मुरारी लाल शर्मा के ग्रुप द्वारा किए गये चरकुला, मयूर नृत्य और बृज की होली ने जमकर तालियां बटोरीं। ‘कृष्ण और राधा के प्रेम को दर्शाते मयूर नृत्य और बृज की होली के साथ विदेशी पर्यटक खूब झूमे और इस नजारे को उन्होंने कैमरे में कैद कर लिया।
रॉक स्टार के गीतों पर झूमा आगरा
रॉक स्टार फेम पार्श्व गायक मोहित चौहान ने ताज महोत्सव की पहली शाम को अपनी आवाज का जादू चलाया। ब्रज के लोकगीत, नृत्य के बाद जब रात 9:15 बजे मोहित चौहान स्टेज पर आए तो युवाओं से मुख्य मंच का पंडाल खचाखच भर चुका था। मोहित ने शुरुआत की अपने पसंदीदा गीत ‘जो भी मैं कहना चाहूं...से, उसके बाद उन्होंने ये दूरियां इन राहों की दूरियां...तेरा न होना चाहे, तुमसे से ही दिन होता है...तुझे भुला दिया हो, फिर क्यों तेरी यादों ने रुला दिया...मसक्कली मसक्कली... तुम हो, पास मेरे, साथ मेरे... साडा हक... जैसे गीतों से देर रात तक युवाओं को अपने साथ कभी गुनगुनाने तो कभी झुमाया। दो बार फिल्म फेयर पुरस्कार जीत चुके मोहित चौहान ने दर्शकों से कहा कि वह खुशनसीब हैं जो आगरा के हैं।
रॉक स्टार के गीत थे बड़ी चुनौती- मोहित
अभिनेता रणवीर कपूर की फिल्मों में उनकी आवाज बने गायक मोहित चौहान ने खास बातचीत में कहा कि रॉक स्टार के गीत उनके लिए बड़ी चुनौती थे। दरअसल हर गीत अलग मिजाज का था। कोई कव्वाली तो कोई रोमांटिक तो कोई जोश से भरा हुआ। मोहित चौहान ताज महोत्सव में दूसरी बार आए थे। सिल्क रूट बैंड में वह पहली बार आगरा आए थे, लेकिन प्ले बैक सिंगर के तौर पर पहली बार वह आए हैं। हिल्टन होटल में मोहित ने कहा कि सिल्क रूट बैंड के जरिए उन्होंने युवाओं के दिल में जगह बनाई थी। फिल्मों में स्टोरी के मुताबिक गाना गाना पड़ता है तो वहीं बैंड में दर्शकों के मूड के मुताबिक। प्रसिद्ध पार्श्व गायक ने कहा कि लोकगीतों में मिठास होती है। उन्होंने अपने बैंड में हिमाचल केसंगीत का प्रयोग किया था, लेकिन फिल्मों में नहीं कर सके।
पर्यटन उद्यमियों को नही मिला प्रवेश
ताज महोत्सव के उद्घाटन के बाद जब पर्यटन उद्यमी मुख्य मंच पहुंचे तो पुलिस ने सभी को रोक दिया। पर्यटन विभाग द्वारा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन को भेजे गए कार्ड को दिखाने के बाद भी सदस्यों को रोक दिया गया तो होटल उद्यमी बहिष्कार कर लौट आए। उन्होंने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को फोन किए, लेकिन फोन रिसीव न हुए। यही वजह रही कि ताज महोत्सव के उद्घाटन के दौरान होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, ऑनार्स एसोसिएशन, गाइड एसोसिएशन, फेडरेशन आफ ट्रेवल एसोसिएशन, पर्यटन मित्र आदि संस्थाओं से कोई नहीं पहुंचा। यहां तक कि ताज महोत्सव आयोजन समिति में जो पर्यटन उद्यमी सदस्य बनाए गए थे, उन्हें भी आमंत्रण पत्र नहीं भेजा गया।
विदेशी मेहमान थिरके
महोत्सव में शिल्पग्राम में इस साल नजारा बदला हुआ है। प्रवेश द्वार पर बनचारी के नगाड़ों और शहनाई की जगह सन्नाटा है। अलबत्ता एक मंच जरूर बनाया है, जहां कुछ युवा फरमाइशी गीतों को प्ले कराकर डांस करते दिखे। मोबाइल कंपनी के स्टॉल से बजे संगीत पर विदेशी पर्यटकों को एक ग्रुप थिरकता नजर आया।