ताजमहल में बुधवार को रजब की 25 तारीख को दोपहर दो बजे शाहजहां के उर्स की शुरुआत हुई। बुधवार दोपहर दो बजे ताजमहल के तहखाने में स्थित असली कब्रों के दरवाजे को खोला गया और अजान दी गई। गुलाब जल से शाहजहां व मुमताज की कब्रों को गुस्ल कराया गया। दोनों की कब्रों पर फूलों की चादर चढ़ाई गई। फातिहा पढ़ा गया और दुनिया से कोरोना संक्रमण खात्मे की दुआ की गई। उर्स के कारण दोपहर दो बजे से ताजमहल में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहा।
विज्ञापन
2 of 5
ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सैलानियों के लिए ताजमहल में 12 मार्च तक उर्स के दौरान प्रवेश निशुल्क रहेगा। गुरुवार को दोपहर दो बजे से और शुक्रवार को पूरे दिन ताज में नि:शुल्क प्रवेश किया जा सकेगा।
विज्ञापन
3 of 5
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स को अनुमति दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। एएसआई को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। उर्स के दौरान शुक्रवार को भी ताज पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।
4 of 5
आगरा: ताजमहल में पर्यटकों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शहंशाह शाहजहां का उर्स इस्लामिक कैलेंडर के रजब माह की 25, 26 व 27 तारीख को मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर की यह तारीख 10 (बुधवार) से 12 मार्च तक हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने उर्स के दिनों में ताजमहल को पर्यटकों के लिए नि:शुल्क करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया था। बुधवार दोपहर दो बजे से ताजमहल में भूमिगत कब्रों को उर्स की रस्मों के लिए खोला गया। तभी से पर्यटकों और अकीदतमंद ताज में नि:शुल्क प्रवेश किया।
1400 मीटर सतरंगी चादर तैयार
खुद्दाम ए रोजा कमेटी ने ताजमहल में शाहजहां के उर्स के लिए 1400 मीटर की सतरंगी चादर तैयार कराई है। बीते साल कोरोना के कारण शाहजहां का उर्स नहीं मनाया गया था। कमेटी के अध्यक्ष ताहिरुद्दीन ताहिर ने बताया कि अगर एएसआई और प्रशासन सतरंगी चादर को उर्स में चढ़ाने की अनुमति दे देते हैं, तभी चादरपोशी की जाएगी। उर्स में कोई झंडा, बैनर, पोस्टर, किताब, 36 इंच से बड़ा ढोल, बैंड बाजा, लाइटर, चाकू आदि चीजें नहीं जाएंगी। उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देश जारी किए हैं।