शरद पूर्णिमा पर संगमरमरी ताजमहल को चांदनी रात में निहारने की हसरत लिए सैलानी पहुंचे तो जरूर, लेकिन स्मॉग की चादर ताज और उनके बीच आ गई। चांदनी रात में धवल ताज जिस तरह पहले नजर आता था, इस बार बढ़े प्रदूषण के कारण यह धुंधला नजर आया।
विज्ञापन
तस्वीरें: चांदनी रात में ताज और सैलानियों के बीच आई स्मॉग की चादर, फीकी पड़ी चमकी
2 of 6
taj mahal night view on sharad purnima
- फोटो : अमर उजाला
ताज के अंदर पहुंचे सैलानियों को चमकी देखने की उम्मीद थी, लेकिन यह पूरी न हो सकी। रॉयल गेट से न चमकी दिखी और न ही दमकता ताज। बाहर ताजगंज में रूफटॉप से दीदार करने वालों को ताज की केवल आकृति ही नजर आई।
विज्ञापन
तस्वीरें: चांदनी रात में ताज और सैलानियों के बीच आई स्मॉग की चादर, फीकी पड़ी चमकी
3 of 6
taj mahal night view on sharad purnima
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर धूल कणों की संख्या सामान्य से पांच गुना तक रही। सूक्ष्म कण पीएम 2.5 कणों की संख्या 383 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक रही। इसके अलावा कार्बन मोनोक्साइड सामान्य से 32 गुना तक ज्यादा दर्ज किया गया, वहीं नाइट्रोजन डाई आक्साइड भी तीन गुना बना रहा।
तस्वीरें: चांदनी रात में ताज और सैलानियों के बीच आई स्मॉग की चादर, फीकी पड़ी चमकी
4 of 6
taj mahal night view on sharad purnima
- फोटो : अमर उजाला
यमुना किनारा होने के कारण यहां धुंध की चादर रात 8 बजे से ही छानी शुरू हो गई।तापमान कम होने के कारण धुंध गहराई तो प्रदूषणकारी तत्वों के साथ मिलकर स्मॉग की चादर तैयार हो गई, जिसने ताज और सैलानियों के बीच पर्दे का काम किया। चांदनी में नहाए ताज की वैसी चमक नजर नहीं आई, जैसी लोगों ने कई दशक पहले देखी थी।
विज्ञापन
तस्वीरें: चांदनी रात में ताज और सैलानियों के बीच आई स्मॉग की चादर, फीकी पड़ी चमकी
5 of 6
ताजमहल में जाते विदेशी पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल में रात को 400 पर्यटकों को 50-50 के आठ ग्रुप में देखने की अनुमति है। सभी ग्रुप फुल रहे, लेकिन एक पर्यटक ने अपना टिकट निरस्त कराया।
तस्वीरें: चांदनी रात में ताज और सैलानियों के बीच आई स्मॉग की चादर, फीकी पड़ी चमकी
6 of 6
ताजमहल में जाते पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पर्यटकों में विदेशी सैलानियों के प्रति चमकी का क्रेज ज्यादा था। 258 भारतीय तो 87 विदेशी पर्यटकों ने ताज के नाइटव्यू का टिकट खरीदा था, लेकिन ज्यादातर भारतीय पर्यटकों को चमकी न दिख पाने के कारण मायूस होना पड़ा।