शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की दीदार (फाइल फोटो)
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चांदनी रात में दूधिया रोशनी से नहाए संगमरमरी ताजमहल की एक झलक पाने के लिए सैलानी बेचैन रहते हैं। लेकिन, मानसूनी सीजन में बादल ताजमहल और चांद की रोशनी के बीच में आ रहे हैं। यही वजह है कि पूर्णिमा पर ताजमहल के रात्रिदर्शन में बेहद कम पर्यटक ही पहुंचे, जबकि पूर्णिमा पर ताज के दीदार के लिए पूरे 400 पर्यटक पहुंचते रहे हैं।
सोमवार को ताजमहल के रात्रिदर्शन में 61 पर्यटक पहुंचे, जो पांच बैच में आए। रात 8.30 से 12.30 बजे तक 30 मिनट के 8 बैच होते हैं, जिनमें हर एक में 50 पर्यटकों को प्रवेश की अनुमति होती है, लेकिन सोमवार को महज 15 फीसदी पर्यटक ही आए।
मंगलवार को कुछ संख्या बढ़ी, लेकिन चार बैच ही भर पाए। मंगलवार रात 162 पर्यटकों ने ताज को रात में देखा। हालांकि रात 9 से 10 बजे के बीच बादल छाए रहे, जिससे पर्यटकों को ताज पर रोशनी नजर नहीं आई। चंद्रग्रहण के कारण कम ही पर्यटकों ने बुकिंग कराई थी।