प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल के बाहर परिजन और मौजूद पुलिसबल
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टेढ़ी बगिया स्थित सरोज हॉस्पिटल में कंपाउंडर के इंजेक्शन से प्रसूता की मौत हो गई। शव बाहर निकाल स्टाफ मरीजों के पर्चे लेकर हॉस्पिटल पर ताला लगाकर भाग गया।
कर्मी बिजली भी काट गए, साढ़े तीन घंटे तक मरीज-तीमारदार अंदर बंधक बने रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ताला खुलवाया। सीसी कैमरे की डीवीआर जब्त कर मरीज भर्ती पर रोक लगाई है। शव का पोस्टमार्टम कराते हुए आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
कालिंदी विहार 80 फुटा निवासी बॉबी गौर की पत्नी शालू गौर (24) के प्रसव पीड़ा होने पर 14 जुलाई को सरोज हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। शाम को आपरेशन कर दिया। बॉबी ने बताया कि बुधवार की तड़के साढ़े चार बजे पत्नी की हालत बिगड़ने लगी।
कंपाउंडर ने पर्चा देकर दवाएं मंगाई। आरोप है कि कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही पत्नी का शरीर नीला पड़ गया, दाने उभर आए और झाग आने लगा। यह देख स्टाफ बोला कि एंबुलेंस मंगाई है मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ेगा।
कुछ देर बाद एंबुलेंस आने पर मरीज को गेट के बाहर लेकर आ गया। परिजनों ने देखा तो शालू की सांस नहीं चल रही थी। इस बीच स्टाफ बिजली काटकर अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया। अंदर मरीज और तीमारदारों का गर्मी से बुरा हाल हो गया।
परिजनों ने शव रख हंगामा शुरू कर दिया। एसीएम, उपजिलाधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। अंदर मौजूद सफाई कर्मचारी से लगभग दस बजे ताला खुलवाया। पुलिस ने परिजनों को शांत करा शव का पोस्टमार्टम कराया।
आधा घंटे बाद डॉ. प्रेमराज मरीजों के पर्चे लेकर पहुंचे। एसीएमओ डॉ. अजय कपूर ने बताया कि स्टाफ मरीज-तीमारदारों को अंदर बंद कर अस्पताल पर ताला लगाकर भाग गया था। इलाज के पर्चे और सीसी कैमरे की डीवीआर जब्त कर ली। नोटिस दिया है।
पुलिस ने अस्पताल संचालक, डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। हॉस्पिटल संचालक आरएस बघेल का कहना है कि वह दो दिन से बाहर हैं।
आपरेशन डॉ. सुभाष सोनी करते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता को ऑनकाल बुलाते हैं, वह भी दो दिन से बाहर हैं। इनकी अनुपस्थिति में अन्य चिकित्सक मरीजों को देखते हैं।