ताजमहल में सेल्फी लेता विदेशी जोड़ा
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अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहॉवर हों या बिल क्लिंटन, जब भी अमेरिकी राष्ट्रपति ताजमहल के दीदार के लिए आए, उनकी यात्रा के बाद अमेरिका के सैलानियों की संख्या ताजमहल पर बढ़ी है। यही वजह है कि ताजमहल पर दुनिया भर से आने वाले सैलानियों की संख्या में अमेरिकी पर्यटक पहले नंबर पर हैं। ब्रिटिश सैलानियों की संख्या दूसरे पर और चीन के सैलानी ताज के दीदार में तीसरे नंबर पर हैं। पर्यटन उद्यमियों को उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के बाद अमेरिका से आने वाले सैलानियों की संख्या में बंपर उछाल आ सकता है।
अमेरिकी डॉलर में हिस्सेदारी ज्यादा
ताजमहल के दीदार के लिए आने वाले सैलानियों में अमेरिकी डालर खर्च करने में सबसे बड़ी हिस्सेदारी भी अमेरिकी पर्यटकों की है। उनकी हिस्सेदारी महज 13.80 फीसदी है, लेकिन उनके द्वारा किया जाने वाला खर्च 14.81 फीसदी है। खर्च करने में दूसरे नंबर पर स्पेनिश पर्यटक हैं, जिनकी हिस्सेदारी महज 5.10 फीसदी और तीसरे नंबर पर फ्रांस के सैलानी हैं जो 4.65 फीसदी ही खर्च कर रहे हैं।
इन देशों के सैलानी हैं ताज के दीवाने
देश पर्यटक
अमेरिका 56,528
इंग्लैंड 50,809
चीन 35,644
फ्रांस 35,125
श्रीलंका 28,042
जर्मनी 26,310
जापान 25,842
स्पेन 24,021
आस्ट्रेलिया 23,684
इटली 15,343
चर्चित हस्तियों से बढ़ता है आकर्षण
जब भी दुनिया भर में चर्चित हस्तियों की तस्वीरें ताज से जारी होती हैं तो उस देश के सैलानियों में ताज के प्रति आकर्षण बढ़ता है। आंकड़े इस बात के सबूत हैं कि फ्रांस, जर्मनी, रूस, ब्रिटेन या अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष ताज आए तो उसके बाद उन देशों के सैलानियों की आवक बढ़ी
- शमशुद्दीन, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट गाइड एसो.
अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के बाद से ही अमेरिकी पर्यटक आगरा में बढ़े हैं। इन यात्राओं के बड़े संदेश पहुंचते हैं, जिसके बाद ताज को दुनिया भर में प्रचार मिलता है। अमेरिकी पर्यटकों में लगातार ताज के प्रति आकर्षण बढ़ता गया है
-रमेश वाधवा, अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसो.