ताज का दीदार करने के लिए सैलानियों को अब गेट पर भीड़ से जूझना नहीं पड़ेगा। प्रवेश और निकासी के लिए बनाए गए चेकिंग गेटों को अब मेट्रो की तरह स्मार्ट बनाया जाएगा। सैलानी कार्ड या टोकन को स्क्रीन पर टच कराकर प्रवेश और निकासी कर सकेंगे।
हाल ही में बाहर निकलते समय इन गेटों पर लगने वाली भीड़ की वजह से हुए विवाद के बाद एएसआई ने इस प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया है। दरअसल, मेट्रो स्टेशनों पर टिकट लेने के बाद लोगों को चेकिंग बैरियर पर लगी स्क्रीन पर अपना टोकन टच कराना होता है। इसके बाद गेट खुल जाते हैं और यात्री परिसर के अंदर या बाहर चले जाते हैं।
ताजमहल में भी कुछ इसी तरह की व्यवस्था के लिए एएसआई प्रस्ताव तैयार कर रहा है। वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पहले जो बैरियर लगाए गए थे उनमें, हाई वैल्यू टिकट धारकों के लिए अलग से प्रवेश-निकासी के लिए एक पैसेज रखा गया था। चूंकि अब सभी के लिए सामान्य रूप से प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है। ऐसे में इस तरह की वीआईपी व्यवस्था को खत्म किया जाएगा। इससे न तो विवाद होगा, न ही किसी को भेदभाव महसूस होगा।
चैटबॉट के जरिये होगी टिकटों की बुकिंग
ताज, फतेहपुर सीकरी से लेकर देशभर के तमाम स्मारकों के टिकटों की बुकिंग के लिए अब वेबसाइट पर नहीं जाना पड़ेगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पर्यटकों की सुविधा के लिए एक ऑटोमेटेड रिप्लाई चैटबॉट तैयार किया है। टिकट बुकिंग के लिए जारी व्हाट्सएप नंबर 8422889057 पर जैसे ही हाय लिखकर भेजा जाएगा, चैटबॉट जवाब देना शुरू करेगा। टिकट बुकिंग के ऑप्शन पर क्लिक करते ही एएसआई की वेबसाइट पर वह पहुंचा देगा। इसके बाद तारीख, शहर तय करने के बाद अपनी नागरिकता, पहुंचने की टाइमिंग बच्चों व बड़ों की संख्या बताकर अपना नाम व ब्योरा देकर टिकट आसानी से बुक किया जा सकेगा। इस दौरान सैलानी को यूपीआई या कार्ड के माध्यम से टिकट के लिए पेमेंट कर सकते हैं।