जिसे कल तक भाजपा का प्रत्याशी बताया गया, उससे अब पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया है। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने से ही इनकार कर दिया। उधर, टीपी सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर वाला बी-फार्म दिखाकर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसी के साथ भाजपा की ड्रामेबाजी भी जगजाहिर हो गई है।
बीते सोमवार को आगरा-फीरोजाबाद सीट पर एमएलसी के लिए नामांकन का आखिरी दिन था। इस दौरान खबर उड़ी कि भाजपा प्रत्याशी टीपी सिंह का अपहरण कर लिया गया। उन्होंने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दो-तीन वाहनों में सवार लोगों ने उनका अपहरण कर लिया और तब तक घुमाते रहे, जब तक कि नामांकन पत्र दाखिल करने का समय नहीं निकल गया। समय समाप्त होते ही उन्हें छोड़ दिया गया। अगले ही दिन पार्टी ने टीपी सिंह को भाजपा का प्रत्याशी मानने से ही इनकार कर दिया। वह भी तब, जबकि स्थानीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता उनका नामांकन कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने फोन पर बताया कि पार्टी ने टीपी सिंह को प्रत्याशी नहीं बनाया।
नौ फरवरी को ही दे दिया था फार्म
प्रदेश अध्यक्ष भले ही उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने से इनकार कर रहे हों लेकिन उन्हीं के हस्ताक्षर वाला बी-फार्म टीपी सिंह को नौ फरवरी को ही जारी कर दिया गया था। ये अलग बात है कि ये फार्म टीपी सिंह को नामांकन से कुछ घंटे पहले ही मिला था।
राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत
नामांकन दाखिल नहीं कर पाए टीपी सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। उन्होंने अपहरण का घटनाक्रम बताते हुए अपने साथ हुए अन्याय का हवाला दिया है। साथ ही कलेक्ट्रेट में पुलिसकर्मियों के सामने उनका नामांकन पत्र फाड़े जाने की भी शिकायत की है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग को सोमवार रात को ही फैक्स कर दिया था।