फोटोग्राफरों के बीच बढ़ी रार तो थाने तक पहुंच गया मामला, एएसआई ने कहा, सज्जादानशीं और वक्फ बोर्ड को अधिकार नहीं
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ताजमहल समेत देशभर के स्मारकों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग फिर से फोटोग्राफी लाइसेंस की व्यवस्था लागू करने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही फतेहपुर सीकरी में सज्जादानशीं ने दरगाह परिसर के लिए अलग से फोटोग्राफी लाइसेंस जारी कर दिए।
स्मारकों में एएसआई के पास ही गाइड और फोटोग्राफरों के लाइसेंस जारी करने का अधिकार है, लेकिन वक्फ बोर्ड के पत्र के बाद सज्जादानशीं ने कई फोटोग्राफर बना दिए। फोटोग्राफरों के बीच जब रार बढ़ी, तब यह मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरी कहानी सामने आई।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के असिस्टेंट सेक्रेटरी द्वारा जारी पत्र संख्या 4434 में फोटोग्राफरों के लाइसेंस जारी करने को कहा गया है, लेकिन एएसआई के मुताबिक वक्फ बोर्ड को उनके स्मारक में यह अधिकार ही नहीं है। जो व्यवस्था गाइडों के मामले में चल रही है, वही व्यवस्था फोटोग्राफरों के मामले में चलेगी। सज्जादानशीं किसी भी फोटोग्राफर को लाइसेंस जारी नहीं कर सकते।
एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम के मुताबिक, आने वाले दिनों में देशभर के स्मारकों में फोटोग्राफरों की लाइसेंस व्यवस्था बहाल होने वाली है। तब सीकरी में एएसआई के लाइसेंस के बिना किसी भी फोटोग्राफर को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। अभी टिकट लेकर कोई भी प्रवेश कर सकता है।
पुलिस तक पहुंची शिकायत
दरगाह परिसर में फोटोग्राफी करने वाले दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने थाना सीकरी पुलिस को शिकायत की कि परिसर में उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। दरगाह परिसर में ठेका बताकर कुछ लोग उन्हें रोक रहे हैं। इन लोगों को दरगाह हजरत शेख सलीम चिश्ती के सज्जादानशीं ने एक जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2015 तक के लिए आईकार्ड जारी किए थे। यह मियाद भी अब निकल चुकी है। आरोप है कि 10 हजार रुपये लेकर यह कार्ड जारी किया गया था।