खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में 15 खाद्य सामग्री के नमूने फेल पाए गए हैं। इसमें दूध, चना, बूंदी असुरक्षित मिले हैं। दूध सिंथेटिक और काले चने में कीड़े पड़े मिले। इनके विक्रेताओं को नोटिस भेजे गए हैं। केस भी दर्ज कराया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय शशांक त्रिपाठी ने बताया कि बीते दिनों विभिन्न खाद्य सामग्री के नमूने प्रयोगशाला में जांच कराने के लिए भेजे थे। इनमें से दूध, पनीर, चना, बूंदी, सरसों का तेल, केक, सूजी, सोन पापड़ी समेत 15 खाद्य सामग्री के नमूने फेल पाए गए हैं।
इनमें 9 खाद्य सामग्री अधोमानक हैं। मतलब इनकी गुणवत्ता खराब है और ये घटिया हैं। बूंदी और मसूर की दाल के नमूने असुरक्षित मिले हैं। इनमें सिंथेटिक रंग पाया गया है। केक का नमूना मिथ्या छाप पाया गया है। इसके पैकेट पर निर्माता का नाम और खाने योग्य तिथि दर्ज नहीं थी।
पेट रोग और कुपोषण का खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है कि मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री से पेट रोग का खतरा रहता है। लंबे समय तक उपयोग करने से किडनी खराब होने, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग होने का खतरा भी बढ़ जाता है। अपच, गैस, पेट में अल्सर की दिक्कत बन जाती है। बच्चे कुपोषित हो सकते हैं।
इनके नमूनों में निकली खामियां
खाद्य विभाग की जांच में महेश किराना स्टोर, ककुआ, मलपुरा, विनोद कुमार अग्रवाल, पश्चिमपुरी का काला, वीरेंद्र सिंह, जगदीशपुरा, राधेश्याम, जरार, बाह, रोहित अग्रवाल, बुंदू कटरा, श्रीश्याम जी पेठा उद्योग, कमला नगर, दीवान सिंह, श्यामों, महेश किराना स्टोर, ककुआ, मलपुरा, अंकित यादव, ककरैठा, विजय सिंह, नगला लालदास, अछनेरा, हरीश चंद्र, छलेसर, चिराग बत्रा, अवधपुरी,शाहगंज, विशाल मेगा मार्ट, तुलसी सिनेमा के पास, भगवान टॉकीज रोड, जितेंद्र सिकरवार, कहरई, मेसर्स श्री हरिओम स्वीट्स, दयालबाग।
इनके लिए गए नमूने
सत्या ई-कॉम सर्विसेज लिमिटेड, नुनहाई भालोरी, मुहम्मदपुर आगरा, ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटे , फतेहाबाद रोड, आगरा, बाइसी ब्रिगेड रेस्टोरेंट, सिकंदरा, आगरा, रिलाइंस रिटेल लिमिटेड, डिफेंस एस्टेट, मधुनगर आगरा।