खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की एडिशनल कमिश्नर रेखा एस चौहान ने बताया कि डमी फर्म से कई राज्यों में काला कारोबार हो रहा था। कई मेडिकल स्टोर भी जांच के दायरे में हैं। दवा माफिया के कई गोदाम हो सकते हैं, जिनकी खोज की जा रही है। पुडुचेरी, तमिलनाडु में नकली दवा बनाने की फैक्टरी चिह्नित कर ली है।
एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि लाइसेंस जारी करने वाले विभागीय अधिकारियों की भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि लाइसेंस देते वक्त नियमों का पालन किया गया है कि नहीं। लखनऊ की दो फर्म के संचालकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है। इसके संचालक अभी पकड़ से दूर है। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है।
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