दिल्ली, ग्वालियर, राजस्थान में कहर बरपाने वाले स्वाइन फ्लू के वायरस ने शहर में भी पांव फैलाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को सुबह से शाम तक एक-एक कर छह संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनके सैंपल जांच (पुष्टि) के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। संदिग्धों में दो बच्चों सहित एक वरिष्ठ डाक्टर भी शामिल हैं। बच्चे को एसएन मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। पांच में इंफ्लूएंजा-ए पॉजिटिव पाया गया, जबकि डाक्टर का सैंपल मिलते-जुलते लक्षण के बाद जांच के लिए भेजा गया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
गुरुवार को एक-एक कर पांच मरीजों में इंफ्लूएंजा-ए पॉजिटिव पाया गया, तो एसएन मेडिकल कालेज के मेडिसन विभाग के एक जूनियर डाक्टरों ने स्वयं की इच्छा से सैंपल जांच को दिया है। एक के बाद एक आए केस के बाद से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। नेहरू नगर निवासी बच्चे के परिवारीजनों ने बताया कि उसे दो दिन पहले तेज बुखार आया था। तब बाग फरजाना स्थित एक निजी क्लीनिक में दिखाया। दवा का असर न हुआ तो निजी लैब में जांच करवाई। रिपोर्ट में इंफ्लूएंजा-ए पॉजिटिव आया। इसी आधार पर चिकित्सक ने एन1एच1 के लक्षण होने की आशंका जताई। दोपहर साढ़े बारह बजे बच्चे को एसएन मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया। तुरंत ही कालेज प्राचार्य ने चिकित्सकों के साथ बैठक कर पैनल तैयार किया और बच्चे का इलाज शुरू कराया। दोपहर में सीएमओ एचएस दानू भी बच्चे का हाल जानने एसएनएमसी पहुंचे। इसके साथ ही नगला रामबल के 26 वर्षीय युवक, इटावा के छह वर्षीय बालक, 59 साल की एक महिला डाक्टर व एक अन्य व्यक्ति में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए।
वहीं मेडिसन विभाग के जूनियर डाक्टर ने अपनी मर्जी से स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैंपल दिया है। जूनियर डाक्टर ने बताया कि उन्हें कई दिन से खासी, जुकाम, बुखार की शिकायत है। सीएमओ एसएस दानू ने बताया कि चार सैंपल निजी लैब से तो दो सैंपल एसएन मेडिकल कालेज से जांच के लिए दिल्ली के भेजे गए हैं।