आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के सेक्टर 1 निवासी राममोहन को साइबर अपराधियों ने फेसबुक पर दोस्ती कर ठगी का शिकार बना लिया। विदेश से भारत आने पर आयकर की जांच में फंसने के नाम पर 6 लाख रुपये ले लिए। वापस मांगने पर और रकम की मांग की जाने लगी। पीड़ित ने हार थककर पुलिस से शिकायत की। मगर पुलिस ने भी जांच के नाम पर 6 महीने निकाल दिए। मामले में बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
राममोहन ने बताया कि वह फेसबुक चला रहे थे। तभी मैसेंजर पर एक व्यक्ति ने मैसेज किया। अपना नाम डाॅ. सेठी माैर्य बताया। कहा कि विदेश में रहता है। इस कारण दोनों में दोस्ती हो गई। मैसेंजर पर बात करने लगे। एक दिन उसने कहा कि वो भारत आना चाहता है। वह ताजमहल देखने भी आएगा। इसमें मदद कर देना। राममोहन ने हां बोल दिया।
24 सितंबर 2025 को एक काल आया। काल करने वाले ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट आपके दोस्त पहुंच गए हैं। उन्हें करेंसी बदलनी है। डा. सेठी ने भी बात की। 15 हजार रुपये की मांग की। आगरा आकर रकम देने का आश्वासन दिया। विश्वास करते हुए रकम एक खाते में जमा कर दी। अगले दिन फिर से काल किया। इस बार एक महिला ने बात की। उसने आयकर विभाग से बताया।
आयकर के नाम पर 75 हजार रुपये मांगे। रकम वापस लेने के लिए एक नया खाता भी खुलवाया। मगर रकम नहीं आई। बाद में 95 हजार रुपये और मांगे। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर 6 लाख रुपये ले लिए। हर बार रकम वापस करने के बारे में बता दिया जाता। मगर खाते में रकम वापस नहीं आई। जिस व्यक्ति ने बैंक मैनेजर बताया था, वो बात करने पर 6 लाख रुपये और मांग रहा है। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मगर 6 महीने बाद प्राथमिकी लिखी गई।
जांच के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
मामला साइबर ठगी का है। पीड़ित ने दोस्ती के बाद रकम लेने का आरोप लगाया था। इस पर मामले में जांच की गई। इसमें साइबर ठगी का पता चला। इस पर आईटी एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। खातों की जानकारी जुटाई गई है। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। -सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी