आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र में युवक की तार से गला घोंटकर हत्या और पेट्रोल से शव जलाकर पहचान छिपाने के मामले में जिला जज संजय मलिक की अदालत ने आरोपी मिठाई विक्रेता की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। उस पर बेटी से प्रेम संबंध के शक में युवक की हत्या करने का आरोप है।
दर्ज मामले के अनुसार, वादी नया बांस निवासी लाल सिंह ने बताया था कि उनका पुत्र राकेश शादी और अन्य समारोह में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करता था। 18 फरवरी 2024 की शाम 6 बजे परिचित शेरू के फोन पर घर से शादी समारोह के लिए बाइक पर गया था। रात में नहीं लौटा, फोन भी बंद बता रहा था। शिकायत पर थाने से मदद नहीं मिली।
बाद में पता चला कि उनके पुत्र राकेश का अपहरण एक मिठाई विक्रेता ने प्रेमपाल, टीकम सिंह, जग्गो, मोनू और शेर सिंह के साथ किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी है। मिठाई विक्रेता की पुत्री से उनके पुत्र राकेश के प्रेम संबंध के शक में घटना को अंजाम दिया गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने विवेचना की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने राकेश की तार से गला घोंटकर हत्या की। शव को बोरे में भरकर खारी नदी के पास पेट्रोल डालकर जला दिया था।
पहले शव की शिनाख्त कुम्हेर भरतपुर निवासी तेजपाल ने अपने परिवार के रामचंद्र के रूप में की थी, बाद में राकेश और उसकी मां कुसमा के डीएनए के मिलान से शव की पहचान हुई थी।