आठ साल पहले साल 2017 से शुरू किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण में आगरा ने लगातार अपनी स्थिति सुधारी। चार साल पहले वर्ष 2020 के सर्वेक्षण में आगरा को देश में जब 16वीं रैंक मिली तो तत्कालीन मेयर नवीन जैन ने अगले साल टॉप-10 में आने का लक्ष्य नगर निगम सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों को दिया था।
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हालांकि, तब कोविड-19 आने के बाद के हालातों और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कंपनियों के ब्लैक लिस्ट होने के कारण रैंक गिरती चली गई। बीते साल आगरा 85वें स्थान पर आया तो नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने अपनी नई टीम बनाकर स्वच्छ सर्वेक्षण के हर बिंदु पर काम किया, जिसका नतीजा बृहस्पतिवार को सामने आ गया और टाॅप-10 में आने का सपना पूरा हुआ।