धनौली, टेढ़ी बगिया और भरतपुर के बयाना में बरामद एक जैसी दवाओं के बैच नंबर, क्यूआर कोड और निर्माता कंपनियों का विवरण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय भेजा गया है। इसके आधार पर प्रदेश के अन्य जिलों में दवा स्टोरों की जांच कर बिक्री के संभावित नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।
आगरा के धनौली, टेढ़ी बगिया और भरतपुर में बरामद दवाओं के प्रदेशभर में बिक्री की आशंका है। ऐसे में इनके बैच नंबर समेत अन्य रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय भेजी है। इससे इसके आधार पर प्रदेश के अन्य जिलों में जांच की जा सके।
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बीते दिनों धनौली, टेढ़ी बगिया और भरतपुर के बयाना में कुआं में नामी कंपनियों की दवाएं बरामद की थीं। इनके नकली होने की आशंका है साथ ही ऐसी ही दवाओं की अन्य जिलों में बिक्री की गई हो। इस पर औषधि विभाग ने जब्त दवाओं के कंपनी के नाम, बैच नंबर, क्यूआर कोड समेत अन्य जानकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय को भेज दी है।
इसके आधार पर पूरे प्रदेश में इन बैच की दवाओं की जांच की जाएगी। इस बात का पता लगाने के बाद कि इनकी खरीद कहां से की गई आगे की कार्रवाई होगी। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि तीनों जगह से मिलीं दवाएं समान कंपनी की हैं। ये एक ही गैंग की कारस्तानी प्रतीत होती है। ऐसे में इनकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है, जिससे अन्य जिलों में इन बैच के आधार पर जांच हो सके।
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कंपनियों से नहीं आया अभी तक जवाब
औषधि विभाग ने बरामद दवाओं की रिपोर्ट संबंधित कंपनियों को भेजी थी। अभी तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि बरामद दवाओं की बैच नंबर, निर्माता कंपनी, एक्सपायरी डेट समेत विभिन्न जानकारी संबंधित कंपनी को भेज दी है। उनसे पूछा गया था कि ये दवाइयां आपके यहां निर्मित हैं या नहीं। अभी कंपनियों की ओर से कोई विवरण नहीं मिला है।