दीपोत्सव की रोशनी में कई दिनों से नहा रहे बाजार में मंगलवार को सूर्य ग्रहण का असर दिखाई दिया। पूरे दिन बाजार खामोश रहे, खरीदारी न के बराबर हुई। लोग घरों से बाहर निकलने से बचे। मंदिरों के कपाट सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद खुले।
सूर्य ग्रहण के बाद मंगलवार की रात को शहरभर में चौपाटियों पर खाने के शौकीनों की भीड़ बढ़ गई। सदर बाजार, सेंट जोंस चौराहा आदि पर जमावड़ा रहा। सूर्य ग्रहण के कारण कई हलवाइयों ने दुकानें नहीं खोलीं। आवास विकास कॉलोनी में भी फूड स्टॉल पर काफी भीड़ रही।
आचार्य पं. सुभाष चंद्र शास्त्री ने बताया कि सूर्य ग्रहण के बाद कई परिवार हवन करके घर को शुद्ध कराते हैं। इसके साथ ही घर में गंगाजल के छिड़काव का छिड़काव किया जाता है। मंगलवार को अधिकांश घरों में सूर्य ग्रहण के बाद धुलाई हुई। तुलसी के पत्तों के साथ भोजन किया गया। मंदिरों में सभी देवी-देवताओं को नए वस्त्र धारण कराए गए।
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. मंगलवार को शाम 4.30 बजे से ग्रहण काल शुरू हुआ।