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कामकाजी पर महिलाओं पर हुए सर्वे से निकली चौंकाने वाली जानकारी, 'बीमार' हो रही आधी आबादी

Wed, 26 Feb 2020 02:13 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

10 शहरों की महिलाओं पर सर्वे
5795 महिलाएं हुईं इसमें शामिल
580 महिलाएं आगरा की थीं इनमें
ये शहर शामिल: आगरा, दिल्ली, मुंबई, कानपुर, चंडीगढ़, जयपुर, पटना, रांची, वाराणसी, भोपाल।
 
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विस्तार
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शहर की कामकाजी महिलाएं तनाव में हैं। दफ्तर के काम और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बिठाने की जद्दोजहद उनको अवसाद, मोटापे जैसी बीमारियां दे रही है। हालात का ये आकलन एक सर्वे में सामने आया है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर के तीन महीनों में ये सर्वे आगरा सहित देश के 10 शहरों में किया गया। जनवरी में इसका डाटा एकत्रित किया गया। 
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सर्वे करने वाली वेदा लाइफ रिसर्च संस्था के निदेशक डॉ. प्रणव प्रकाश ने बताया कि आगरा में कामकाजी महिलाओं में ओवरटाइम का औसत राष्ट्रीय औसत 32 फीसदी से दोगुना 72 फीसद है।

हर चार में से एक कामकाजी महिला घर में पति से विवाद और पारिवारिक समस्या से जूझ रही है। 30 से 45 साल की उम्र में मोटापा, त्वचा संबंधी समस्या, मधुमेह, थायरॉइड के साथ पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की शिकार हो रही हैं। इससे गर्भधारण में भी समस्या आ रही है।
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आगरा में हालात और भी खराब
ओवरटाइम

देश में 32 फीसदी, आगरा में 72 फीसदी
मोटापा
देश में 43 फीसदी, आगरा में 53 फीसदी
त्वचा रोग
देश में 44 फीसदी, आगरा में 56 फीसदी

ये है देश का हाल
32 फीसदी बीमार होने के बाद भी काम पर जाती हैं।
16 फीसदी कामकाजी महिलाएं पीसीओएस से पीड़ित हैं।

इनकी भी हालत खराब
दिल्ली की महिलाएं ऑफिस की जल्दबाजी में अक्सर नाश्ता नहीं ले पाती हैं। मुंबई और कानपुर की कामकाजी महिलाओं में बालों के गिरने की समस्या। जयपुर, पटना और भोपाल की कामकाजी महिलाओं में आत्मविश्वास की कमी। चंडीगढ़ की महिलाएं त्वचा संबंधी परेशानियों से पीड़ित हैं। रांची में महिलाओं का बढ़ता वजन परेशानी पैदा कर रहा है।
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