प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने शनिवार को 6 घंटे तक निरीक्षण कर एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय सेवाओं का हाल देखा। उन्होंने इमरजेंसी में सीटी स्कैन मशीन, न्यूरोसर्जरी का ऑपरेशन थिएटर और बर्न यूनिट शुरू कराने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग से इंटीग्रेटेड प्लान के तहत बन रहीं इमारतों की रिपोर्ट तलब की है।
बर्न यूनिट पहुंचने पर प्रमुख सचिव ने प्राचार्य से पूछा कि इसमें मरीज भर्ती क्यों नहीं किए जा रहे हैं। इस पर प्राचार्य ने बताया कि हाल ही में ये तैयार हुई है। इस पर रविवार से मरीज भर्ती करने के लिए कहा। निरीक्षण के बाद लेक्चर थिएटर-4 में चिकित्सकों के साथ डेढ़ घंटे तक बैठक करते हुए आयुष्मान योजना, इंटीग्रेटेड प्लान की प्रगति समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की। 6:30 बजे प्रमुख सचिव एसएन से रवाना हो गए।
इमरजेंसी में ये बढ़ जाएंगी सुविधाएं
- सीटी स्कैन : इमरजेंसी में सीटी स्कैन की सुविधा नहीं थी। मरीजों को ओपीडी समय तक एसएन में बाकी निजी सेंटरों पर जांच कराने जाना पड़ता था। ये महंगी जांच है। अब मरीजों को इमरजेंसी में ही निशुल्क सुविधा मिलेगी।
- न्यूरोसर्जरी : इमरजेंसी में सड़क हादसा समेत सिर की चोट के मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इनमें सबसे ज्यादा युवा हैं। ऐसे में अब इमरजेंसी में ही तत्काल मरीज की न्यूरोसर्जरी हो सकेगी। अभी तक हड्डी और सर्जरी विभाग की ही ओटी चल रही थी।
- बर्न यूनिट : 30 बेड का एंटी बैक्टीरियल वातानुकूलित वार्ड है। इसमें दो ओटी हैं, अभी माइनर ओटी शुरू होगी। इसमें जले और एसिड अटैक मरीजों का इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलने लगेंगी। इससे आगरा के आसपास के मरीजों को भी बड़ी सुविधा हो जाएगी। अभी 8 बेड का वार्ड ही संचालित था।