फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: सड़क हादसे के घायलों को मिलेगी राहत...इमरजेंसी में बढ़ेंगी ये सुविधाएं; प्रमुख सचिव ने दिए निर्देश

Sun, 08 Jun 2025 09:58 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

प्रमुख सचिव ने प्राचार्य से पूछा कि बर्न यूनिट में मरीज भर्ती क्यों नहीं किए जा रहे हैं। इस पर प्राचार्य ने बताया कि हाल ही में ये तैयार हुई है। इस पर रविवार से मरीज भर्ती करने के लिए कहा।
विज्ञापन
निर्देश देते प्रमुख सचिव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने शनिवार को 6 घंटे तक निरीक्षण कर एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय सेवाओं का हाल देखा। उन्होंने इमरजेंसी में सीटी स्कैन मशीन, न्यूरोसर्जरी का ऑपरेशन थिएटर और बर्न यूनिट शुरू कराने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग से इंटीग्रेटेड प्लान के तहत बन रहीं इमारतों की रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन


प्रमुख सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा दोपहर करीब 12:30 बजे इमरजेंसी पहुंचे। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया। कमरे में सीटी स्कैन मशीन लगी थी, प्राचार्य ने उनको बताया कि ये हाल ही में खरीद गई है। उन्होंने इसको शुरू कराने के लिए कहा। सड़क हादसों में न्यूरोसर्जरी की सुविधा नहीं होने पर हैरानी जताते हुए ओटी शुरू कराने को निर्देशित किया। 

ये भी पढ़ें-World Brain Tumor Day: मोबाइल पर रोज करते हैं ये गलती...तो बढ़ सकता है ब्रेन ट्यूमर का जोखिम, आज से बदलें आदत
विज्ञापन


 

बर्न यूनिट पहुंचने पर प्रमुख सचिव ने प्राचार्य से पूछा कि इसमें मरीज भर्ती क्यों नहीं किए जा रहे हैं। इस पर प्राचार्य ने बताया कि हाल ही में ये तैयार हुई है। इस पर रविवार से मरीज भर्ती करने के लिए कहा। निरीक्षण के बाद लेक्चर थिएटर-4 में चिकित्सकों के साथ डेढ़ घंटे तक बैठक करते हुए आयुष्मान योजना, इंटीग्रेटेड प्लान की प्रगति समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की। 6:30 बजे प्रमुख सचिव एसएन से रवाना हो गए।

 
विज्ञापन

इमरजेंसी में ये बढ़ जाएंगी सुविधाएं
- सीटी स्कैन : इमरजेंसी में सीटी स्कैन की सुविधा नहीं थी। मरीजों को ओपीडी समय तक एसएन में बाकी निजी सेंटरों पर जांच कराने जाना पड़ता था। ये महंगी जांच है। अब मरीजों को इमरजेंसी में ही निशुल्क सुविधा मिलेगी।
- न्यूरोसर्जरी : इमरजेंसी में सड़क हादसा समेत सिर की चोट के मरीजों की संख्या अधिक रहती है। इनमें सबसे ज्यादा युवा हैं। ऐसे में अब इमरजेंसी में ही तत्काल मरीज की न्यूरोसर्जरी हो सकेगी। अभी तक हड्डी और सर्जरी विभाग की ही ओटी चल रही थी।
- बर्न यूनिट : 30 बेड का एंटी बैक्टीरियल वातानुकूलित वार्ड है। इसमें दो ओटी हैं, अभी माइनर ओटी शुरू होगी। इसमें जले और एसिड अटैक मरीजों का इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलने लगेंगी। इससे आगरा के आसपास के मरीजों को भी बड़ी सुविधा हो जाएगी। अभी 8 बेड का वार्ड ही संचालित था।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें