फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताज ट्रिपेजियम जोन में खुल गया तरक्की का रास्ता, 20 महीने बाद मिली राहत

Sat, 07 Dec 2019 03:34 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट द्वारा यथास्थिति (स्टेटस को) हटाए जाने के बाद ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) को बड़ी राहत मिली है। एक तो सरकारी योजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी। दूसरा, नए कारखानों का निर्माण हो सकेगा। तीसरा, पुरानों का विस्तार भी होगा। 
विज्ञापन


अब उद्यमियों की नजरें पर्यावरण मंत्रालय की ओर हैं। मंत्रालय ने तदर्थ रोक जो लगा रखी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इस पर भी नए सिरे से विचार होना तय है। इसे वायु प्रदूषण रोकने के लिए लगाया गया था। अगर प्रशासन हवा में घुल रहे जहर के इंतजाम कर लेता है तो तरक्की के और भी रास्ते खुल सकते हैं।

ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी का गठन 30 दिसंबर, 1996 को किया गया था। इसके अंतर्गत आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस, एटा और भरतपुर जिले का 10,400 वर्ग किमी क्षेत्र आता है।
विज्ञापन

अब सिर्फ तदर्थ रोक की अड़चनें

यथास्थिति (स्टेटस को) हटने से नए उद्योग स्थापित करने या पुराने उद्योगों के विस्तार का रास्ता खुल गया है। सरकारी योजनाओं के लिए भी एक बाधा दूर हो गई है। हालांकि अभी तदर्थ रोक की अड़चनें बाकी हैं। 20 महीने बाद टीटीजेड में यथा स्थिति रोक हटी है।
 
टीटीजेड में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश की नींव शिल्पग्राम में पार्किंग निर्माण के दौरान आड़े आ रहे 11 पेड़ों के काटने की अनुमति के लिए याचिका के साथ पड़ी। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से ताजमहल के 500 मीटर दायरे के बाहर शिल्पग्राम में 25 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जा रही थी। 

ऐसे लगी थी रोक

वर्ष 2016 में इसका निर्माण कार्य बिना अनुमति के शुरू कर दिया गया। निर्माण के दौरान 11 पेड़ बाधा बने। इन्हें काटने की अनुमति के लिए पर्यटन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई। मगर, पहली तारीख पर पर्यटन विभाग की ओर से कोर्ट में कोई पेश नहीं हुआ। इस पर अर्जी खारिज कर दी गई।

दोबारा अर्जी दाखिल की गई। कोर्ट ने विभाग से योजना के बारे में पूछा। इस दौरान पता चला कि योजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति भी नहीं ली गई है। कोर्ट ने पूछा कि मल्टीलेवल पार्किंग योजना क्या है? साथ ही ताजमहल को सुरक्षित रखने के लिए अब तक क्या योजना बनाई गई है। 

8 दिसंबर, 2017 को ताज संरक्षण के संबंध में विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का आदेश दिया। तय तारीख 22 मार्च, 2018 को प्रदेश सरकार विजन डॉक्युमेंट पेश नहीं कर सकी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में यथा स्थिति का आदेश दे दिया। यानी न नया उद्योग और न ही कोई नई योजना शुरू हो सकती थी। 

16 जुलाई को प्रदेश सरकार ने किया था आवेदन

यह आदेश विजन डॉक्यूमेंट का पहला प्रारूप दाखिल करने तक के लिए था। 22 जुलाई, 2018 को विजन डॉक्यूमेंट का प्रथम प्रारूप दाखिल भी कर दिया गया। इसके बाद भी तमाम विभाग यथा स्थिति को हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। विजन डॉक्यूमेंट का अंतिम प्रारूप भी प्रदेश सरकार की ओर से इसी साल 21 फरवरी को दाखिल किया गया। सरकार ने 3 अप्रैल को कुछ सुझाव भी साझा किए। 

मगर, यथा स्थिति हटाने को लेकर विभाग तैयार नहीं हुए। इस पर प्रदेश सरकार की ओर से इसी साल 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर आवेदन किया गया कि 22 मार्च, 2018 को यथा स्थिति का दिया गया आदेश खत्म किया जाए। शुक्रवार को इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने यथा स्थिति हटाने का आदेश दिया। 

ये प्रभावित हुई योजनाएं

- हॉस्पिटल, होटल नहीं खुल सकते थे।
- नए उद्योग स्थापित नहीं हो सकते थे।
- गैर प्रदूषणकारी इकाइयां भी नहीं खुल सकतीं।
- ताज रबर चेक डैम योजना रुकी है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना रुकी है।
- मेट्रो रेल योजना भी रुकी हुई है।
- एसएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर को नहीं मिली अनुमति।
विज्ञापन

जन प्रतिनिधियों ने यह कहा

यथा स्थिति रोक हटवाने के लिए शहर के बहुत से लोग प्रयासरत थे। उन्हें सफलता मिली है। जनप्रतिनिधियों ने उपयुक्त मंचों पर इसे हटवाने के लिए पैरोकारी की थी। इससे टीटीजेड में उद्योग स्थापित करने की एक अड़चन दूर हो गई है। - प्रो. एसपी सिंह बघेल, सांसद, आगरा लोकसभा

टीटीजेड की बंदिशों के चलते उद्योग लगाना या किसी नई बड़ी योजना को मूर्त रूप देना आसान नहीं था। मगर, यथा स्थिति पर लगी रोक हटाने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे सरकार की विभिन्न योजनाओं को पूरा करने में आसानी होगी। निजी योजनाएं भी आगे बढ़ेंगी। - राजकुमार चाहर, सांसद, फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र

विजन डॉक्यूमेंट जब तैयार हो रहा था, तब जनप्रतिनिधियों ने टीटीजेड में गैरप्रदूषणकारी इकाइयों के संचालन की अनुमति का सुझाव दिया था। जिससे कि यहां विकास और तरक्की के रास्ते खुल सकें। रोजगार के अवसर बढ़ सकें। - पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक, उत्तर विधानसभा

यथा स्थिति पर लगी रोक हटना न सिर्फ ताजनगरी बल्कि टीटीजेड के अंतर्गत आने वाले दूसरे शहरों के हित में है। विकास की योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने में आसानी होगी। कई योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं। - नवीन जैन, महापौर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें